बेदिल लाइब्रेरी, कराची: जुलाई 1974 में डॉ. ज़फ़ीर हसन ने मात्र 300 पुस्तकों और पत्रिकाओं के साथ एक कमरे में इस लाइब्रेरी की स्थापना की। आज यह लाइब्रेरी लगभग 85,000 पुस्तकों और पत्रिकाओं के विशाल संग्रह की संरक्षक है। इसका नाम फ़ारसी के प्रसिद्ध कवि मिर्ज़ा अब्दुल क़ादिर बेदिल के नाम पर रखा गया है।
बेदिल लाइब्रेरी का शुमार कराची के प्राचीन और दुर्लभ पुस्तकालयों में होता है। यहाँ पुस्तकों के अतिरिक्त उर्दू और फ़ारसी के लगभग पचास दुर्लभ हस्तलिखित ग्रंथ भी सुरक्षित हैं। इसके अलावा विभिन्न भाषाओं में प्रकाशित ग्यारह समाचार-पत्रों का अभिलेख भी इस लाइब्रेरी में संरक्षित है। यह लाइब्रेरी कराची के शरफ़ाबाद क्षेत्र में, बहादुराबाद के पीछे स्थित है।
बेदिल लाइब्रेरी के पुस्तक-संग्रह का एक बड़ा हिस्सा अब रेख़्ता की डिजिटल लाइब्रेरी पर भी उपलब्ध है, जिसके माध्यम से दुनिया भर के पाठक इन दुर्लभ पुस्तकों का लाभ उठा सकते हैं।