मोहम्मद मुजीब के लेख
दुनिया की पहली तहज़ीबें
दुनिया की कहानी में हज़रत आदम का ज़माना वह वक़्त है जब आदमी जानवर से इंसान हुआ। साइंस के पुजारी हज़रत आदम को नहीं मानते। लेकिन यही लोग जब पुरानी क़ौमों के अक़ीदों (मान्यताओं) और धर्म को बयान करते हैं तो हमें हर जगह किसी न किसी शक्ल में एक ऐसे बुज़ुर्ग
उमराव जान अदा
पच्चीस साल पहले की बात है कि मैंने एक साहित्यिक पत्रिका में मिर्ज़ा रुस्वा के नॉवेल "उमराव जान अदा" पर एक समीक्षा पढ़ी। उसे पढ़कर मुझे हैरानी हुई। यह नॉवेल एक तवायफ़ की जीवन कथा है। मुझे जिस बात पर हैरानी हुई, वह थी समीक्षक की बेपनाह तारीफ़। (और समीक्षक