aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
यह किताब रसूल अल्लाह ﷺ की इताअत और सुन्नतों के इत्तेबाअ को ज़िंदगी के हर शोबे में लागू करने पर ज़ोर देती है। डॉक्टर मोहम्मद अब्दुल हई ने बाईस मुस्तनद किताबों से इस्तफ़ादा करते हुए हुज़ूर ﷺ के तर्ज़-ए-ज़िंदगी, आदात और मुआशरती आदाब को आसान ज़बान में पेश किया है ताकि मुसलमान सुन्नत के मुताबिक़ ज़िंदगी गुज़ार सकें।