पुस्तकालय: परिचय
बनात उर्दू महिला लेखिकाओं का एक अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संगठन है, जिसकी स्थापना 4 अक्टूबर 2017 को नई दिल्ली में की गई। इसका उद्देश्य महिला लेखिकाओं को एक सशक्त साहित्यिक मंच प्रदान करना, उर्दू भाषा और साहित्य का संवर्धन करना, स्त्री-विमर्श को प्रोत्साहित करना तथा नई पीढ़ी की लेखिकाओं का उत्साहवर्धन करना है। निगार अज़ीम, अज़रा नक़वी और तसनीम कौसर को क्रमशः अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव चुना गया। संगठन की पहली औपचारिक बैठक 31 अक्टूबर 2017 को ग़ालिब अकादमी, बस्ती हज़रत निज़ामुद्दीन, नई दिल्ली में आयोजित हुई।
बनात के मंच से कथा, कविता, आलोचना, निबंध, रेखाचित्र तथा अन्य साहित्यिक विधाओं से जुड़ी महिला रचनाकार सक्रिय हैं। संगठन में वरिष्ठ और नवोदित लेखिकाओं के साथ-साथ विभिन्न देशों की साहित्यकार भी शामिल हैं, जिससे इसे एक अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्राप्त हुआ है।
संगठन का मुख्य उद्देश्य महिला लेखिकाओं के साहित्यिक योगदान का सम्मान करना, स्त्री साहित्य को प्रोत्साहित करना, साहित्यिक संवाद को बढ़ावा देना तथा उर्दू भाषा और साहित्य के विकास के लिए विविध साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन करना है। इसी उद्देश्य से बनात नियमित रूप से साहित्यिक गोष्ठियाँ, विचार-विमर्श, सेमिनार, मुशायरे तथा विशेष कार्यक्रम आयोजित करता है, जिनमें महिला दिवस और स्थापना दिवस प्रमुख हैं। संगठन का व्हाट्सऐप समूह और "बनात लाइव" मंच भी साहित्यिक गतिविधियों, रचनात्मक संवाद और साहित्यिक समाचारों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अल्प समय में बनात ने उर्दू अकादमियों, विश्वविद्यालयों और साहित्यिक संस्थानों के सहयोग से अनेक सफल कार्यक्रम आयोजित किए हैं और महिला लेखिकाओं के लिए एक सशक्त एवं प्रभावशाली साहित्यिक मंच के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है। संगठन की साहित्यिक गतिविधियों और प्रकाशनों का एक चयनित भाग अब रेख़्ता डिजिटल लाइब्रेरी पर भी उपलब्ध है, जहाँ विश्वभर के पाठक और शोधकर्ता इसका लाभ उठा सकते हैं।