पुस्तकालय: परिचय
इब्तिदा डिजिटल लाइब्रेरी एक गैर-लाभकारी डिजिटल साहित्यिक पहल है, जिसकी शुरुआत 2016 में उर्दू भाषा और साहित्य की दुर्लभ धरोहर के संरक्षण और पुनर्जीवन के उद्देश्य से की गई। यह उर्दू साहित्य से जुड़े शोधकर्ताओं, विद्वानों और साहित्यप्रेमियों का एक सामूहिक प्रयास है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र की साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को डिजिटल रूप में सुरक्षित कर विश्वभर के पाठकों तक पहुँचाना है। इसका मुख्य लक्ष्य शास्त्रीय और आधुनिक उर्दू साहित्य को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना तथा उसकी वैश्विक पहुँच सुनिश्चित करना है।
इब्तिदा डिजिटल लाइब्रेरी में 5,000 से अधिक पुस्तकें और 30 लाख से अधिक पृष्ठों का समृद्ध संग्रह उपलब्ध है। इसमें शास्त्रीय एवं आधुनिक कविता, उत्कृष्ट गद्य, दुर्लभ पत्र-पत्रिकाएँ, ऐतिहासिक पांडुलिपियाँ, महत्वपूर्ण दस्तावेज़ तथा शोध-संदर्भ सामग्री शामिल हैं, जो उर्दू की साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा का व्यापक प्रतिनिधित्व करती हैं।
इब्तिदा डिजिटल लाइब्रेरी के इस बहुमूल्य संग्रह का एक चयनित भाग अब रेख़्ता डिजिटल लाइब्रेरी पर भी उपलब्ध है, जहाँ विश्वभर के पाठक और शोधकर्ता इस दुर्लभ साहित्यिक और शैक्षणिक धरोहर का लाभ उठा सकते हैं।