आज वीरान अपना घर देखा

दुष्यंत कुमार

आज वीरान अपना घर देखा

दुष्यंत कुमार

MORE BY दुष्यंत कुमार

    आज वीरान अपना घर देखा

    तो कई बार झाँक कर देखा

    पाँव टूटे हुए नज़र आए

    एक ठहरा हुआ खंडर देखा

    रास्ता काट कर गई बिल्ली

    प्यार से रास्ता अगर देखा

    नालियों में हयात देखी है

    गालियों में बड़ा असर देखा

    उस परिंदे को चोट आई तो

    आप ने एक एक पर देखा

    हम खड़े थे कि ये जमी होगी

    चल पड़ी तो इधर उधर देखा

    स्रोत:

    • पुस्तक : Saye mein dhoop (पृष्ठ 36)
    • रचनाकार : Dushyant Kumar
    • प्रकाशन : Radha krishna Prakashan.Pvt.Ltd (2011)
    • संस्करण : 2011

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