aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

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हवादिसात ज़रूरी हैं ज़िंदगी के लिए

इबरत मछलीशहरी

हवादिसात ज़रूरी हैं ज़िंदगी के लिए

इबरत मछलीशहरी

MORE BYइबरत मछलीशहरी

    हवादिसात ज़रूरी हैं ज़िंदगी के लिए

    कि मोड़ होते हैं हर राह हर गली के लिए

    कोई मेरे लिए है मैं किसी के लिए

    बस एक लफ़्ज़-ए-नदामत हूँ ज़िंदगी के लिए

    वो तितलियों की तरह मुझ से और दूर हुआ

    बढ़ाया जिस की तरफ़ हाथ दोस्ती के लिए

    ये उज़्व उज़्व मिरा प्यास से सुलगता है

    मुझे लहू की ज़रूरत है तिश्नगी के लिए

    अब इस से बढ़ के मिरा इम्तिहान क्या होगा

    मैं ज़हर पी के जिया हूँ तिरी ख़ुशी के लिए

    जो हो सके तो ख़ुद अश्कों को पोंछ लो 'इबरत'

    किसी के पास कहाँ वक़्त दिल-दही के लिए

    स्रोत:

    Aansuwon Ki Barat (Pg. 60)

    • लेखक: Ibrat Machhali Shahri
      • संस्करण: 2013
      • प्रकाशक: News Town Publishers
      • प्रकाशन वर्ष: 2013

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