औरंगाबाद के शायर और अदीब

कुल: 17

सूफ़ी शायर, जिनकी मशहूर ग़ज़ल ' ख़बर-ए-तहय्युर-ए-इश्क़ ' बहुत गाई गई है

प्रतिष्ठित प्रगतिशील शायर,आलोचक,पटकथा लेखक,और गीतकार/ फ़िल्म 'बाजार' के गीत 'करोगे याद तो हर बात याद आएगी' के लिए प्रसिद्ध

प्राकृतिक दृश्यों और इश्क़िया जज़्बात की नज़्मों के लिए पहचाने जाते हैं

बोलिए