एकता

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    रोचक तथ्य

    )Published: Yojna, New Delhi, 26th February, 1983)

    जो एकता की लगन हो दिल में तो बे-क़रारी पास आए

    किसी का जादू किसी का टोना हमारे ऊपर नहीं चलेगा

    अगर हम अपने को ख़ुद समझ लें अगर हम अपने को आप परखें

    कोई आफ़त कहीं उठेगी दिल दुखेगा घर जलेगा

    हर एक बच्चा है एक बच्चा है किसी का कभी अदू वो

    ये भेद भाव ये फ़ासला सब ख़ुद अपना पैदा किया हुआ है

    किसी का मज़हब नहीं ये कहता कि तुम जीने दो दूसरों को

    ख़ुदा तो सब का है एक लेकिन मक़ाम-ए-सज्दा जुदा जुदा है

    सुना है कल तक थे वो पड़ोसी बड़ा था आपस में भाई-चारा

    वही पड़ोसी तो अब भी हैं वो मगर है आपस में जंग कैसी

    मिटा दो गर दिल से भेद-भाव तो फ़ासला फिर कोई होगा

    तुम्हें ये एहसास ख़ुद ही होगा कि है दिलों में तरंग कैसी

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