Ahmad Ata's Photo'

अहमद अता

ग़ज़ल 22

शेर 28

ज़िंदगी ख़्वाब है और ख़्वाब भी ऐसा कि मियाँ

सोचते रहिए कि इस ख़्वाब की ताबीर है क्या

  • शेयर कीजिए

ये जो रातों को मुझे ख़्वाब नहीं आते 'अता'

इस का मतलब है मिरा यार ख़फ़ा है मुझ से

  • शेयर कीजिए

हम ने अव्वल तो कभी उस को पुकारा ही नहीं

और पुकारा तो पुकारा भी सदाओं के बग़ैर

  • शेयर कीजिए