Ahmad Faraz's Photo'

बेइंतिहा लोकप्रिय शायर/अपनी रूमानी और विरोधी -कविता के लिए प्रसिद्ध

बेइंतिहा लोकप्रिय शायर/अपनी रूमानी और विरोधी -कविता के लिए प्रसिद्ध

किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं

ये मेरी ग़ज़लें ये मेरी नज़्में

आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा

चले थे यार बड़े ज़ोम में हवा की तरह

किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल

किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल