अहमद शनास

ग़ज़ल 17

शेर 28

जानकारी खेल लफ़्ज़ों का ज़बाँ का शोर है

जो बहुत कम जानता है वो यहाँ शह-ज़ोर है

  • शेयर कीजिए

एक बच्चा ज़ेहन से पैसा कमाने की मशीन

दूसरा कमज़ोर था सो यर्ग़माली हो गया

  • शेयर कीजिए

रफ़्ता रफ़्ता लफ़्ज़ गूँगे हो गए

और गहरी हो गईं ख़ामोशियाँ

  • शेयर कीजिए

लफ़्ज़ों की दस्तरस में मुकम्मल नहीं हूँ मैं

लिक्खी हुई किताब के बाहर भी सुन मुझे

  • शेयर कीजिए

फूल बाहर है कि अंदर है मिरे सीने में

चाँद रौशन है कि मैं आप ही ताबिंदा हूँ

  • शेयर कीजिए

पुस्तकें 3

Pas-e-Askar

 

2010

Salsal

 

2013

Ibtesab Aalami, Sironj

Gosha-e-Ahmad Shanas : Shumara Number-096

2014

 

"जम्मू" के और शायर

  • पंडित विद्या रतन आसी पंडित विद्या रतन आसी
  • शबनम अशाई शबनम अशाई
  • लियाक़त जाफ़री लियाक़त जाफ़री
  • ख़ालिद कर्रार ख़ालिद कर्रार
  • ज़ुल्फ़िकार नक़वी ज़ुल्फ़िकार नक़वी
  • उमर फ़रहत उमर फ़रहत
  • प्रीतपाल सिंह बेताब प्रीतपाल सिंह बेताब