noImage

अमीन सलोनी

पूर्व आधुनिक शायर, लखनऊ के साहित्यिक परिवेश में उम्र गुज़ारी

पूर्व आधुनिक शायर, लखनऊ के साहित्यिक परिवेश में उम्र गुज़ारी

ग़ज़ल 1

 

शेर 1

ख़ूँ शहीदान-ए-वतन का रंग ला कर ही रहा

आज ये जन्नत-निशाँ हिन्दोस्ताँ आज़ाद है

  • शेयर कीजिए
 

पुस्तकें 2

Duniya Mein Jahannam

Bivi Ke Lecture

1977

Jawahirat

 

1936