Bekal Utsahi's Photo'

बेकल उत्साही

1930 - 2016 | बलरामपुर, भारत

प्रमुख लोकप्रिय शायर जिन्हें ‘उत्साही’ का उपनाम जवाहर लाल नेहरू ने दिया था/उर्दू शायरी को हिंदी के क़रीब लाने के लिए विख्यात

प्रमुख लोकप्रिय शायर जिन्हें ‘उत्साही’ का उपनाम जवाहर लाल नेहरू ने दिया था/उर्दू शायरी को हिंदी के क़रीब लाने के लिए विख्यात

तुम बिन चाँद देख सका टूट गई उम्मीद

बिन दर्पन बिन नैन के कैसे मनाएँ ईद

पैसे की बौछार में लोग रहे हमदर्द

बीत गई बरसात जब मौसम हो गया सर्द

ट्रेन चली तो चल पड़े खेतों के सब झाड़

भाग रहे हैं साथ ही जंगल और पहाड़

नश्तर चाहे फूल से बर्फ़ से माँगे ख़ून

धूप खिलाए चाँद को अंधे का क़ानून

अमृत रस की बीन पर ज़हर के नग़्मे गाओ

मरहम से मुस्कान के ज़ख़्मों को उकसाओ

'बेकल'-जी किस फ़िक्र में बैठे हो मन मार

काग़ज़ की इक ओट है ज़िंदाँ की दीवार