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फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

1911 - 1984 | लाहौर, पाकिस्तान

सबसे प्रख्यात एवं प्रसिद्ध शायर. अपने क्रांतिकारी विचारों के कारण कई साल कारावास में रहे।

सबसे प्रख्यात एवं प्रसिद्ध शायर. अपने क्रांतिकारी विचारों के कारण कई साल कारावास में रहे।

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ के ऑडियो

ग़ज़ल

अब जो कोई पूछे भी तो उस से क्या शरह-ए-हालात करें

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

आए कुछ अब्र कुछ शराब आए

मेहदी हसन

कब याद में तेरा साथ नहीं कब हात में तेरा हात नहीं

हमीदा बानो

किस हर्फ़ पे तू ने गोश-ए-लब ऐ जान-ए-जहाँ ग़म्माज़ किया

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

गर्मी-ऐ-शौक़-ऐ-नज़ारा का असर तो देखो

नैना देवी

गर्मी-ऐ-शौक़-ऐ-नज़ारा का असर तो देखो

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

गो सब को बहम साग़र ओ बादा तो नहीं था

नोमान शौक़

तिरे ग़म को जाँ की तलाश थी तिरे जाँ-निसार चले गए

शौकत अली

दिल में अब यूँ तिरे भूले हुए ग़म आते हैं

रीता गांगुली

दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के

उस्बताद बरकत अली ख़ान

न किसी पे ज़ख़्म अयाँ कोई न किसी को फ़िक्र रफ़ू की है

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

न गँवाओ नावक-ए-नीम-कश दिल-ए-रेज़ा-रेज़ा गँवा दिया

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

रह-ए-ख़िज़ाँ में तलाश-ए-बहार करते रहे

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

वफ़ा-ए-वादा नहीं वादा-ए-दिगर भी नहीं

हमीदा बानो

शफ़क़ की राख में जल बुझ गया सितारा-ए-शाम

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

सभी कुछ है तेरा दिया हुआ सभी राहतें सभी कुल्फ़तें

इक़बाल बानो

आए कुछ अब्र कुछ शराब आए

रुना लैला

कब ठहरेगा दर्द ऐ दिल कब रात बसर होगी

इक़बाल बानो

कब तक दिल की ख़ैर मनाएँ कब तक रह दिखलाओगे

इक़बाल बानो

किए आरज़ू से पैमाँ जो मआल तक न पहुँचे

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले

मेहदी हसन

चाँद निकले किसी जानिब तिरी ज़ेबाई का

फ़रीदा ख़ानम

तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है

इक़बाल बानो

तेरी सूरत जो दिल-नशीं की है

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के

इक़बाल बानो

न गँवाओ नावक-ए-नीम-कश दिल-ए-रेज़ा-रेज़ा गँवा दिया

मेहदी हसन

नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही

आबिदा परवीन

ये मौसम-ए-गुल गरचे तरब-ख़ेज़ बहुत है

इक़बाल बानो

यूँ सजा चाँद कि झलका तिरे अंदाज़ का रंग

ज़िया मोहीउद्दीन

रंग पैराहन का ख़ुशबू ज़ुल्फ़ लहराने का नाम

इक़बाल बानो

शाम-ए-फ़िराक़ अब न पूछ आई और आ के टल गई

जगजीत सिंह

सब क़त्ल हो के तेरे मुक़ाबिल से आए हैं

फ़रीदा ख़ानम

तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है

आमिर अली ख़ान

तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

न गँवाओ नावक-ए-नीम-कश दिल-ए-रेज़ा-रेज़ा गँवा दिया

इक़बाल बानो

यूँ सजा चाँद कि झलका तिरे अंदाज़ का रंग

इक़बाल बानो

वफ़ा-ए-वादा नहीं वादा-ए-दिगर भी नहीं

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

शाम-ए-फ़िराक़ अब न पूछ आई और आ के टल गई

आबिदा परवीन

सभी कुछ है तेरा दिया हुआ सभी राहतें सभी कुल्फ़तें

इक़बाल बानो

शाम-ए-फ़िराक़ अब न पूछ आई और आ के टल गई

बेगम अख़्तर

नज़्म

इश्क़ अपने मुजरिमों को पा-ब-जौलाँ ले चला

नोमान शौक़

ऐ रौशनियों के शहर

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

कहाँ जाओगे

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

ख़त्म हुई बारिश-ए-संग

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

चंद रोज़ और मिरी जान

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

चंद रोज़ और मिरी जान

हमीदा बानो

जब तेरी समुंदर आँखों में

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

ज़िंदाँ की एक शाम

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

ज़िंदाँ की एक सुब्ह

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

तन्हाई

फ़हद हुसैन

तन्हाई

हमीदा बानो

तौक़-ओ-दार का मौसम

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

दर्द आएगा दबे पाँव

नोमान शौक़

दर्द आएगा दबे पाँव

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

निसार मैं तेरी गलियों के

जावेद नसीम

बुनियाद कुछ तो हो

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

मुझ से पहली सी मोहब्बत मिरी महबूब न माँग

फ़हद हुसैन

मिरी जाँ अब भी अपना हुस्न वापस फेर दे मुझ को

नोमान शौक़

यहाँ से शहर को देखो

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

रक़ीब से

नोमान शौक़

रंग है दिल का मिरे

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

रंग है दिल का मिरे

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

लौह-ओ-क़लम

नोमान शौक़

व-यबक़ा-वज्ह-ओ-रब्बिक (हम देखेंगे)

इक़बाल बानो

व-यबक़ा-वज्ह-ओ-रब्बिक (हम देखेंगे)

जावेद नसीम

शीशों का मसीहा कोई नहीं

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

सुब्ह-ए-आज़ादी (अगस्त-47)

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

सुब्ह-ए-आज़ादी (अगस्त-47)

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

हम जो तारीक राहों में मारे गए

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

आज इक हर्फ़ को फिर ढूँडता फिरता है ख़याल

ज़िया मोहीउद्दीन

आज बाज़ार में पा-ब-जौलाँ चलो

नय्यरा नूर

ढाका से वापसी पर

नय्यरा नूर

निसार मैं तेरी गलियों के

ज़िया मोहीउद्दीन

मुझ से पहली सी मोहब्बत मिरी महबूब न माँग

नूर जहाँ

लहू का सुराग़

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

निसार मैं तेरी गलियों के

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

मुझ से पहली सी मोहब्बत मिरी महबूब न माँग

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

Jashn-e-Rekhta | 2-3-4 December 2022 - Major Dhyan Chand National Stadium, Near India Gate, New Delhi

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