औरत एक कठ-पुतली है जिसकी डोर समाज के कोढ़ी हाथों में है और उन कोढ़ी हाथों में जब चुल होने लगती है तो डोर के झटकों से ये कठ-पुत्ली नचाई जाती है।
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