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इफ़्तिख़ार आरिफ़

1940 | इस्लामाबाद, पाकिस्तान

पाकिस्तान में अग्रणी शायरों में शामिल, अपनी सांस्कृतिक रूमानियत के लिए मशहूर।

पाकिस्तान में अग्रणी शायरों में शामिल, अपनी सांस्कृतिक रूमानियत के लिए मशहूर।

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वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
Dil o nigaah ki duniya nai nai hui hai

इफ़्तिख़ार आरिफ़

Fikr-e-baland o tamasha kahaan se laye

इफ़्तिख़ार आरिफ़

Iftikhar Arif expressing his views on today's poetry and reciting his poetry

इफ़्तिख़ार आरिफ़

log pahchan nahin paaenge chehra apna

इफ़्तिख़ार आरिफ़

Mayaar-r-sharaf halka-e-arbaab-e-hunar mein

इफ़्तिख़ार आरिफ़

अब भी तौहीन-ए-इताअत नहीं होगी हम से

इफ़्तिख़ार आरिफ़

अभी कुछ दिन लगेंगे

अभी कुछ दिन लगेंगे इफ़्तिख़ार आरिफ़

उमीद-ओ-बीम के मेहवर से हट के देखते हैं

इफ़्तिख़ार आरिफ़

कूच

जिस रोज़ हमारा कूच होगा इफ़्तिख़ार आरिफ़

कहाँ के नाम ओ नसब इल्म क्या फ़ज़ीलत क्या

इफ़्तिख़ार आरिफ़

कहाँ के नाम ओ नसब इल्म क्या फ़ज़ीलत क्या

इफ़्तिख़ार आरिफ़

कोई जुनूँ कोई सौदा न सर में रक्खा जाए

इफ़्तिख़ार आरिफ़

कोई तो फूल खिलाए दुआ के लहजे में

इफ़्तिख़ार आरिफ़

खज़ाना-ए-ज़र-ओ-गौहर पे ख़ाक डाल के रख

इफ़्तिख़ार आरिफ़

बद-शुगूनी

अजब घड़ी थी इफ़्तिख़ार आरिफ़

बारहवाँ खिलाड़ी

ख़ुश-गवार मौसम में इफ़्तिख़ार आरिफ़

शहर-ए-गुल के ख़स-ओ-ख़ाशाक से ख़ौफ़ आता है

इफ़्तिख़ार आरिफ़

शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

  • Dil o nigaah ki duniya nai nai hui hai

    Dil o nigaah ki duniya nai nai hui hai इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • Fikr-e-baland o tamasha kahaan se laye

    Fikr-e-baland o tamasha kahaan se laye इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • Iftikhar Arif expressing his views on today's poetry and reciting his poetry

    Iftikhar Arif expressing his views on today's poetry and reciting his poetry इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • log pahchan nahin paaenge chehra apna

    log pahchan nahin paaenge chehra apna इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • Mayaar-r-sharaf halka-e-arbaab-e-hunar mein

    Mayaar-r-sharaf halka-e-arbaab-e-hunar mein इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • अब भी तौहीन-ए-इताअत नहीं होगी हम से

    अब भी तौहीन-ए-इताअत नहीं होगी हम से इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • अभी कुछ दिन लगेंगे

    अभी कुछ दिन लगेंगे इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • उमीद-ओ-बीम के मेहवर से हट के देखते हैं

    उमीद-ओ-बीम के मेहवर से हट के देखते हैं इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • कूच

    कूच इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • कहाँ के नाम ओ नसब इल्म क्या फ़ज़ीलत क्या

    कहाँ के नाम ओ नसब इल्म क्या फ़ज़ीलत क्या इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • कहाँ के नाम ओ नसब इल्म क्या फ़ज़ीलत क्या

    कहाँ के नाम ओ नसब इल्म क्या फ़ज़ीलत क्या इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • कोई जुनूँ कोई सौदा न सर में रक्खा जाए

    कोई जुनूँ कोई सौदा न सर में रक्खा जाए इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • कोई तो फूल खिलाए दुआ के लहजे में

    कोई तो फूल खिलाए दुआ के लहजे में इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • खज़ाना-ए-ज़र-ओ-गौहर पे ख़ाक डाल के रख

    खज़ाना-ए-ज़र-ओ-गौहर पे ख़ाक डाल के रख इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • बद-शुगूनी

    बद-शुगूनी इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • बारहवाँ खिलाड़ी

    बारहवाँ खिलाड़ी इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • शहर-ए-गुल के ख़स-ओ-ख़ाशाक से ख़ौफ़ आता है

    शहर-ए-गुल के ख़स-ओ-ख़ाशाक से ख़ौफ़ आता है इफ़्तिख़ार आरिफ़