Iftikhar Arif's Photo'

इफ़्तिख़ार आरिफ़

1940 | इस्लामाबाद, पाकिस्तान

पाकिस्तान में अग्रणी शायरों में शामिल, अपनी सांस्कृतिक रूमानियत के लिए मशहूर।

पाकिस्तान में अग्रणी शायरों में शामिल, अपनी सांस्कृतिक रूमानियत के लिए मशहूर।

ग़ज़ल 61

नज़्म 41

शेर 106

ख़्वाब की तरह बिखर जाने को जी चाहता है

ऐसी तन्हाई कि मर जाने को जी चाहता है

दिल पागल है रोज़ नई नादानी करता है

आग में आग मिलाता है फिर पानी करता है

ख़ुद को बिखरते देखते हैं कुछ कर नहीं पाते हैं

फिर भी लोग ख़ुदाओं जैसी बातें करते हैं

पुस्तकें 26

Angrezi Par Urdu Ka Asar

 

1997

अक़्लीम-ए-हुनर

इफ़्तिख़ार अारिफ़: शख़्सियत-ओ-फ़न्न

2003

Bachon Ki Lughat

 

1995

देहली के अख़बारात-ओ-रिसाइल

 

2009

Faiz Banam Iftikhar Arif

 

2011

Farhang-e-Mushtarak

 

1997

फ़ीचर, कॉलम और तब्सिरा

 

1998

Harf-e-Bariyab

 

1996

Ilm-e-Arooz Aur Urdu Shairi

 

1997

Jahan-e-Maloom

 

2005

चित्र शायरी 8

ज़माना हो गया ख़ुद से मुझे लड़ते-झगड़ते मैं अपने आप से अब सुल्ह करना चाहता हूँ

 

वीडियो 16

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

इफ़्तिख़ार आरिफ़

Dil o nigaah ki duniya nai nai hui hai

इफ़्तिख़ार आरिफ़

Fikr-e-baland o tamasha kahaan se laye

इफ़्तिख़ार आरिफ़

Iftikhar Arif expressing his views on today's poetry and reciting his poetry

इफ़्तिख़ार आरिफ़

log pahchan nahin paaenge chehra apna

इफ़्तिख़ार आरिफ़

Mayaar-r-sharaf halka-e-arbaab-e-hunar mein

इफ़्तिख़ार आरिफ़

अब भी तौहीन-ए-इताअत नहीं होगी हम से

इफ़्तिख़ार आरिफ़

अभी कुछ दिन लगेंगे

अभी कुछ दिन लगेंगे इफ़्तिख़ार आरिफ़

उमीद-ओ-बीम के मेहवर से हट के देखते हैं

इफ़्तिख़ार आरिफ़

कूच

जिस रोज़ हमारा कूच होगा इफ़्तिख़ार आरिफ़

कहाँ के नाम ओ नसब इल्म क्या फ़ज़ीलत क्या

इफ़्तिख़ार आरिफ़

कोई जुनूँ कोई सौदा न सर में रक्खा जाए

इफ़्तिख़ार आरिफ़

कोई तो फूल खिलाए दुआ के लहजे में

इफ़्तिख़ार आरिफ़

खज़ाना-ए-ज़र-ओ-गौहर पे ख़ाक डाल के रख

इफ़्तिख़ार आरिफ़

बद-शुगूनी

अजब घड़ी थी इफ़्तिख़ार आरिफ़

बारहवाँ खिलाड़ी

ख़ुश-गवार मौसम में इफ़्तिख़ार आरिफ़

ऑडियो 94

उमीद-ओ-बीम के मेहवर से हट के देखते हैं

ग़म-ए-जहाँ को शर्मसार करने वाले क्या हुए

ग़ैरों से दाद-ए-जौर-ओ-जफ़ा ली गई तो क्या

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

संबंधित शायर

  • मोहसिन नक़वी मोहसिन नक़वी समकालीन
  • अनवर शऊर अनवर शऊर समकालीन
  • उबैदुल्लाह अलीम उबैदुल्लाह अलीम समकालीन
  • शायर जमाली शायर जमाली समकालीन
  • किश्वर नाहीद किश्वर नाहीद समकालीन
  • ग़ुलाम मोहम्मद क़ासिर ग़ुलाम मोहम्मद क़ासिर समकालीन
  • ऐतबार साजिद ऐतबार साजिद समकालीन
  • इरफ़ान सिद्दीक़ी इरफ़ान सिद्दीक़ी समकालीन
  • अदीम हाशमी अदीम हाशमी समकालीन
  • अमीर क़ज़लबाश अमीर क़ज़लबाश समकालीन

"इस्लामाबाद" के और शायर

  • ऐतबार साजिद ऐतबार साजिद
  • जोश मलीहाबादी जोश मलीहाबादी
  • अहमद फ़राज़ अहमद फ़राज़
  • सय्यद ज़मीर जाफ़री सय्यद ज़मीर जाफ़री
  • एजाज़ गुल एजाज़ गुल
  • ज़िया जालंधरी ज़िया जालंधरी