ग़ज़ल 28

नज़्म 3

 

शेर 25

हर मुलाक़ात का अंजाम जुदाई था अगर

फिर ये हंगामा मुलाक़ात से पहले क्या था

मैं उम्र को तो मुझे उम्र खींचती है उलट

तज़ाद सम्त का है अस्प और सवार के बीच

नतीजा एक सा निकला दिमाग़ और दिल का

कि दोनों हार गए इम्तिहाँ में दुनिया के

ई-पुस्तक 5

Dhundli Tasveer

 

1993

गुमाँ आबाद

 

2013

 

"इस्लामाबाद" के और शायर

  • ऐतबार साजिद ऐतबार साजिद
  • हारिस ख़लीक़ हारिस ख़लीक़
  • अकबर हमीदी अकबर हमीदी
  • मंज़र नक़वी मंज़र नक़वी
  • तारिक़ नईम तारिक़ नईम
  • अख़्तर रज़ा सलीमी अख़्तर रज़ा सलीमी
  • समीना राजा समीना राजा
  • सय्यद ज़मीर जाफ़री सय्यद ज़मीर जाफ़री
  • किश्वर नाहीद किश्वर नाहीद
  • सरफ़राज़ शाहिद सरफ़राज़ शाहिद