ग़ज़ल 19

शेर 4

साल गुज़र जाता है सारा

और कैलन्डर रह जाता है

इक अदावत से फ़राग़त नहीं मिलती वर्ना

कौन कहता है मोहब्बत नहीं कर सकते हम

सुना है कोई दीवाना यहाँ पर

रहा करता था वीराने से पहले

"इस्लामाबाद" के और शायर

  • नूर बिजनौरी नूर बिजनौरी
  • नज़ीर सिद्दीक़ी नज़ीर सिद्दीक़ी
  • नवेद मालिक नवेद मालिक
  • तौसीफ़ तबस्सुम तौसीफ़ तबस्सुम
  • बुशरा सईद बुशरा सईद
  • अता तुराब अता तुराब
  • शकील जाज़िब शकील जाज़िब
  • रहमान फ़ारिस रहमान फ़ारिस
  • ऐतबार साजिद ऐतबार साजिद
  • हारिस ख़लीक़ हारिस ख़लीक़

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