इनायतुल्लाह अलतमश का परिचय
पहचान: प्रसिद्ध ऐतिहासिक उपन्यासकार, युद्ध संवाददाता और मासिक ‘हिकायत’ के संस्थापक संपादक
इनायतुल्लाह अल्तमश का जन्म 1 नवम्बर 1920 को गुजर ख़ान, पोठोहार, पंजाब में हुआ। वे पाकिस्तान के प्रसिद्ध लेखक, पत्रकार, संपादक, कहानीकार, युद्ध संवाददाता और ऐतिहासिक उपन्यासकार थे, जिन्होंने अपनी ऐतिहासिक, युद्ध और सामाजिक रचनाओं के माध्यम से उर्दू साहित्य में विशिष्ट स्थान प्राप्त किया।
उन्होंने प्रारम्भिक शिक्षा गुजर ख़ान में प्राप्त की और 1936 में मैट्रिक के बाद सेना में भर्ती हो गए। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान उन्होंने बर्मा मोर्चे पर सेवा दी, जापानी सेना के युद्धबंदी बने, फिर भाग निकले और लंबे समय तक जंगलों तथा तटीय क्षेत्रों में भटकते रहे। बाद में मलाया के स्वतंत्रता संग्राम में भी भाग लिया। पाकिस्तान बनने के बाद वे स्वदेश लौटे और पाकिस्तान वायुसेना से जुड़ गए।
सेना से अवकाश प्राप्त करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता और साहित्य को अपना क्षेत्र बनाया। प्रारम्भ में वे सय्यारा डाइजेस्ट से जुड़े और बाद में उसके संपादक बने। बाद में मतभेदों के चलते उन्होंने मासिक हिकायत की स्थापना की, जो आगे चलकर उर्दू का अत्यंत लोकप्रिय साहित्यिक और जनप्रिय पत्र बना।
इनायतुल्लाह को विशेष प्रसिद्धि 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों पर आधारित अपनी प्रत्यक्षदर्शी और विश्लेषणात्मक रचनाओं से मिली। युद्ध संवाददाता के रूप में उन्होंने युद्धक्षेत्रों का दौरा कर सैनिकों और अधिकारियों की वीरगाथाएँ दर्ज कीं। उनकी युद्ध संबंधी कृतियाँ BRB Behti Rahe Gi, Lahore Ki Dehleez Par और Badr Se Batapur Tak इस विषय की अत्यंत लोकप्रिय पुस्तकों में गिनी जाती हैं।
ऐतिहासिक उपन्यास लेखन में भी उन्होंने असाधारण ख्याति प्राप्त की। उनके उपन्यासों में इतिहास, साहसिकता, राष्ट्रीय चेतना और जज़्बा-ए-हुर्रियत प्रमुख रूप से दिखाई देते हैं।
इनायतुल्लाह ने अनेक उपनामों से लेखन किया, जिनमें अल्तमश, वक़ास, अहमद यार ख़ान (जासूसी कथाएँ), साबिर हुसैन राजपूत (शिकार कथाएँ) और मीम अलिफ़ (मनोविज्ञान) शामिल हैं।
उन्होंने लगभग 100 पुस्तकें लिखीं। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में दास्तान ईमान फ़रोशों की (सलाउद्दीन अय्यूबी के दौर और क्रूसेड्स की पृष्ठभूमि पर आधारित), शमशीर-ए-बे-नियाम (खालिद बिन वलीद के जीवन पर आधारित), और नील बहता रहा तथा हिजाज़ की आँधी शामिल हैं, जो अपने समय की अत्यंत लोकप्रिय पुस्तकें रहीं।
निधन: 16 नवम्बर 1999 को उनका देहांत हुआ।
सहायक लिंक : | https://en.wikipedia.org/wiki/Inayatullah_(editor)