मारिया मुज़फ़्फ़र का परिचय
जन्म : 09 May 2001 | अनन्तनाग, जम्मू कश्मीर
मारिया मुज़फ़्फ़र, जिन्हें अलीगढ़ की पहली ख़ातून दास्तानगो होने का शरफ़ हासिल है, 9 मई 2001 को अनंतनाग, कश्मीर में पैदा हुईं। अपनी इब्तिदाई तालीम आबाई शहर में मुकम्मल करने के बाद, उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में दाख़िला लिया और यहीं से उनका अलीगढ़ का सफ़र शुरू हुआ। उर्दू अदब से गहरी दिलचस्पी के चलते, उन्होंने यूनिवर्सिटी से बी.ए. और एम.ए. की डिग्री हासिल की।
मारिया न सिर्फ़ ज़बानी और तहरीरी तौर पर अदब से वाबस्ता रहीं, बल्कि वो फुनून-ए-लतीफ़ा के ज़रीए इसे पेश करने में भी यक़ीन रखती हैं। इसी शौक़ के तहत, वो यूनिवर्सिटी के लिटरेरी क्लब और ड्रामा क्लब से भी मुंसलिक रहीं। गुज़श्ता एक दशक से वो उर्दू ज़बान-ओ-अदब की ख़िदमत में सरगर्म हैं और अपनी तख़्लीक़ी सलाहियतों के ज़रीए इस मैदान में नुमायाँ किरदार अदा कर रही हैं। फ़िलहाल, वो अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से बी.एड. की डिग्री मुकम्मल कर रही हैं।