Meer Taqi Meer's Photo'

मीर तक़ी मीर

1722-23 - 1810 | दिल्ली, भारत

उर्दू के पहले सबसे बड़े शायर जिन्हें ' ख़ुदा-ए-सुख़न, (शायरी का ख़ुदा) कहा जाता है.

उर्दू के पहले सबसे बड़े शायर जिन्हें ' ख़ुदा-ए-सुख़न, (शायरी का ख़ुदा) कहा जाता है.

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
शायरी वीडियो
Meer Taqi Meer - Zubaan-e-Ishq

मुज़फ्फर अली

वीडियो का सेक्शन
अन्य वीडियो
aa ke sajjaada-nashii.n qais hu.aa mere ba.ad

आबिदा परवीन

aa ke sajjaada-nashii.n qais hu.aa mere ba.ad

आबिदा परवीन

Na socha na samjha na seekha na janaa

बेगम अख़्तर

Zia reads Mir Taqi Mir

Zia reads Mir Taqi Mir ज़िया मोहीउद्दीन

अश्क आँखों में कब नहीं आता

मेहनाज़ बेगम

आ जाएँ हम नज़र जो कोई दम बहुत है याँ

अज्ञात

उम्र भर हम रहे शराबी से

अमजद परवेज़

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

मेहदी हसन

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

भारती विश्वनाथन

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

Urdu Studio

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

बेगम अख़्तर

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

फ़्रांसेस डब्ल्यू प्रीचेट

चलते हो तो चमन को चलिए कहते हैं कि बहाराँ है

मेहदी हसन

जिस सर को ग़ुरूर आज है याँ ताज-वरी का

ज़मर्रुद बानो

देख तो दिल कि जाँ से उठता है

मेहदी हसन

पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है

भारती विश्वनाथन

पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है

लता मंगेशकर

फ़क़ीराना आए सदा कर चले

सुरैया

बातें हमारी याद रहें फिर बातें ऐसी न सुनिएगा

ज़िया मोहीउद्दीन

मुँह तका ही करे है जिस तिस का

मेहदी हसन

मीरियात - दीवान नंo- 4, ग़ज़ल नंo- 1523

बेगम अख़्तर

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

पंकज उदास

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

सी एच आत्मा

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

सलीम रज़ा

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

छाया गांगुली

हस्ती अपनी हबाब की सी है

फ़रीदा ख़ानम

हस्ती अपनी हबाब की सी है

हबीब वली मोहम्मद

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

ग़ुलाम अली

शायरी वीडियो

  • Meer Taqi Meer - Zubaan-e-Ishq

    Meer Taqi Meer - Zubaan-e-Ishq मुज़फ्फर अली

अन्य वीडियो

  • aa ke sajjaada-nashii.n qais hu.aa mere ba.ad

    aa ke sajjaada-nashii.n qais hu.aa mere ba.ad आबिदा परवीन

  • aa ke sajjaada-nashii.n qais hu.aa mere ba.ad

    aa ke sajjaada-nashii.n qais hu.aa mere ba.ad आबिदा परवीन

  • Na socha na samjha na seekha na janaa

    Na socha na samjha na seekha na janaa बेगम अख़्तर

  • Zia reads Mir Taqi Mir

    Zia reads Mir Taqi Mir ज़िया मोहीउद्दीन

  • अश्क आँखों में कब नहीं आता

    अश्क आँखों में कब नहीं आता मेहनाज़ बेगम

  • आ जाएँ हम नज़र जो कोई दम बहुत है याँ

    आ जाएँ हम नज़र जो कोई दम बहुत है याँ अज्ञात

  • उम्र भर हम रहे शराबी से

    उम्र भर हम रहे शराबी से अमजद परवेज़

  • उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

    उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया मेहदी हसन

  • उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

    उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया भारती विश्वनाथन

  • उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

    उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया Urdu Studio

  • उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

    उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया बेगम अख़्तर

  • उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

    उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया फ़्रांसेस डब्ल्यू प्रीचेट

  • चलते हो तो चमन को चलिए कहते हैं कि बहाराँ है

    चलते हो तो चमन को चलिए कहते हैं कि बहाराँ है मेहदी हसन

  • जिस सर को ग़ुरूर आज है याँ ताज-वरी का

    जिस सर को ग़ुरूर आज है याँ ताज-वरी का ज़मर्रुद बानो

  • देख तो दिल कि जाँ से उठता है

    देख तो दिल कि जाँ से उठता है मेहदी हसन

  • पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है

    पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है भारती विश्वनाथन

  • पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है

    पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है लता मंगेशकर

  • फ़क़ीराना आए सदा कर चले

    फ़क़ीराना आए सदा कर चले सुरैया

  • बातें हमारी याद रहें फिर बातें ऐसी न सुनिएगा

    बातें हमारी याद रहें फिर बातें ऐसी न सुनिएगा ज़िया मोहीउद्दीन

  • मुँह तका ही करे है जिस तिस का

    मुँह तका ही करे है जिस तिस का मेहदी हसन

  • मीरियात - दीवान नंo- 4, ग़ज़ल नंo- 1523

    मीरियात - दीवान नंo- 4, ग़ज़ल नंo- 1523 बेगम अख़्तर

  • यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

    यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ पंकज उदास

  • यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

    यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ सी एच आत्मा

  • यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

    यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ सलीम रज़ा

  • यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

    यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ छाया गांगुली

  • हस्ती अपनी हबाब की सी है

    हस्ती अपनी हबाब की सी है फ़रीदा ख़ानम

  • हस्ती अपनी हबाब की सी है

    हस्ती अपनी हबाब की सी है हबीब वली मोहम्मद

  • यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

    यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ ग़ुलाम अली