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मीर तक़ी मीर

1723 - 1810 | दिल्ली, भारत

उर्दू के पहले सबसे बड़े शायर जिन्हें ' ख़ुदा-ए-सुख़न, (शायरी का ख़ुदा) कहा जाता है.

उर्दू के पहले सबसे बड़े शायर जिन्हें ' ख़ुदा-ए-सुख़न, (शायरी का ख़ुदा) कहा जाता है.

मीर तक़ी मीर के वीडियो

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मेहदी हसन

बेगम अख़्तर

Na socha na samjha na seekha na janaa

Na socha na samjha na seekha na janaa बेगम अख़्तर

Zia reads Mir Taqi Mir

Zia reads Mir Taqi Mir ज़िया मोहीउद्दीन

इस अहद में इलाही मोहब्बत को क्या हुआ

इस अहद में इलाही मोहब्बत को क्या हुआ मेहदी हसन

देख तो दिल कि जाँ से उठता है

देख तो दिल कि जाँ से उठता है मेहदी हसन

आ जाएँ हम नज़र जो कोई दम बहुत है याँ

आ जाएँ हम नज़र जो कोई दम बहुत है याँ अज्ञात

इश्क़ क्या क्या आफ़तें लाता रहा

इश्क़ क्या क्या आफ़तें लाता रहा मेहरान अमरोही

उम्र भर हम रहे शराबी से

उम्र भर हम रहे शराबी से अमजद परवेज़

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया मेहदी हसन

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया Urdu Studio

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया भारती विश्वनाथन

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया मेहरान अमरोही

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया बेगम अख़्तर

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया फ़्रांसेस डब्ल्यू प्रीचेट

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया मीर तक़ी मीर

क्या कहूँ तुम से मैं कि क्या है इश्क़

क्या कहूँ तुम से मैं कि क्या है इश्क़ मेहरान अमरोही

काश उठीं हम भी गुनहगारों के बीच

काश उठीं हम भी गुनहगारों के बीच मेहरान अमरोही

ग़म रहा जब तक कि दम में दम रहा

ग़म रहा जब तक कि दम में दम रहा मेहरान अमरोही

चलते हो तो चमन को चलिए कहते हैं कि बहाराँ है

चलते हो तो चमन को चलिए कहते हैं कि बहाराँ है इक़बाल बानो

चलते हो तो चमन को चलिए कहते हैं कि बहाराँ है

चलते हो तो चमन को चलिए कहते हैं कि बहाराँ है एम. कलीम

चलते हो तो चमन को चलिए कहते हैं कि बहाराँ है

चलते हो तो चमन को चलिए कहते हैं कि बहाराँ है मेहदी हसन

जिस सर को ग़ुरूर आज है याँ ताज-वरी का

जिस सर को ग़ुरूर आज है याँ ताज-वरी का ज़मर्रुद बानो

देख तो दिल कि जाँ से उठता है

देख तो दिल कि जाँ से उठता है मेहदी हसन

देख तो दिल कि जाँ से उठता है

देख तो दिल कि जाँ से उठता है अज्ञात

दिल की बात कही नहीं जाती चुपके रहना ठाना है

दिल की बात कही नहीं जाती चुपके रहना ठाना है बेगम अख़्तर

पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है

पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है मेहरान अमरोही

पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है

पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है भारती विश्वनाथन

पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है

पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है लता मंगेशकर

फ़क़ीराना आए सदा कर चले

फ़क़ीराना आए सदा कर चले मेहरान अमरोही

मुँह तका ही करे है जिस तिस का

मुँह तका ही करे है जिस तिस का मेहरान अमरोही

मुँह तका ही करे है जिस तिस का

मुँह तका ही करे है जिस तिस का मेहदी हसन

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ सलीम रज़ा

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ मेहरान अमरोही

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ सी एच आत्मा

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ पंकज उदास

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ मेहरान अमरोही

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ छाया गांगुली

हस्ती अपनी हबाब की सी है

हस्ती अपनी हबाब की सी है मेहदी हसन

हस्ती अपनी हबाब की सी है

हस्ती अपनी हबाब की सी है हबीब वली मोहम्मद

हस्ती अपनी हबाब की सी है

हस्ती अपनी हबाब की सी है मेहरान अमरोही

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ ग़ुलाम अली

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aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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