Meer Taqi Meer's Photo'

मीर तक़ी मीर

1722-23 - 1810 | दिल्ली, भारत

उर्दू के पहले सबसे बड़े शायर जिन्हें ' ख़ुदा-ए-सुख़न, (शायरी का ख़ुदा) कहा जाता है.

उर्दू के पहले सबसे बड़े शायर जिन्हें ' ख़ुदा-ए-सुख़न, (शायरी का ख़ुदा) कहा जाता है.

ग़ज़ल 344

नज़्म 3

 

शेर 187

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ दवा ने काम किया

देखा इस बीमारी-ए-दिल ने आख़िर काम तमाम किया

राह-ए-दूर-ए-इश्क़ में रोता है क्या

आगे आगे देखिए होता है क्या

आग थे इब्तिदा-ए-इश्क़ में हम

अब जो हैं ख़ाक इंतिहा है ये

  • शेयर कीजिए

रुबाई 104

मर्सिया 34

मीरियात 1671

क़सीदा 8

ई-पुस्तक 140

अफ़्कार-ए-मीर

 

1996

अहसन-उल-इंतिख़ाब

 

1936

Asaleeb-e-Meer

 

1963

Ashar-e-Meer

 

1953

Ashar-e-Mir

 

1935

Bayan-e-Meer

 

2013

दरिया-ए-इश्क़

 

 

दरिया-ए-इश्क़ और बहरुल मोहब्बत का तक़ाबुली मुताला

 

1972

Deedni Hoon Jo Soch Kar Dekho

Masawa-e-Ghazal

2014

Deewan-e-Meer

Nushkha-e-Mahmoodabad

1973

चित्र शायरी 27

रोते फिरते हैं सारी सारी रात अब यही रोज़गार है अपना

सारे आलम पर हूँ मैं छाया हुआ मुस्तनद है मेरा फ़रमाया हुआ

कुछ करो फ़िक्र मुझ दीवाने की धूम है फिर बहार आने की दिल का उस कुंज-ए-लब से दे है निशाँ बात लगती तो है ठिकाने की वो जो फिरता है मुझ से दूर ही दूर है ये तक़रीब जी के जाने की तेज़ यूँ ही न थी शब आतिश-ए-शौक़ थी ख़बर गर्म उस के आने की ख़िज़्र उस ख़त्त-ए-सब्ज़ पर तो मुआ धुन है अब अपने ज़हर खाने की दिल-ए-सद-चाक बाब-ए-जुल्फ़ है लेक बाव सी बंध रही है शाने की किसू कम-ज़र्फ़ ने लगाई आह तुझ से मय-ख़ाने के जलाने की वर्ना ऐ शैख़-ए-शहर वाजिब थी जाम-दारी शराब-ख़ाने की जो है सो पाएमाल-ए-ग़म है 'मीर' चाल बे-डोल है ज़माने की

बे-ख़ुदी ले गई कहाँ हम को देर से इंतिज़ार है अपना

सिरहाने 'मीर' के कोई न बोलो अभी टुक रोते रोते सो गया है

वीडियो 36

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
अन्य वीडियो
aa ke sajjaada-nashii.n qais hu.aa mere ba.ad

आबिदा परवीन

aa ke sajjaada-nashii.n qais hu.aa mere ba.ad

आबिदा परवीन

Na socha na samjha na seekha na janaa

बेगम अख़्तर

Zia reads Mir Taqi Mir

Zia reads Mir Taqi Mir ज़िया मोहीउद्दीन

अश्क आँखों में कब नहीं आता

मेहनाज़ बेगम

आ जाएँ हम नज़र जो कोई दम बहुत है याँ

अज्ञात

उम्र भर हम रहे शराबी से

अमजद परवेज़

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

भारती विश्वनाथन

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

मेहदी हसन

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

Urdu Studio

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

बेगम अख़्तर

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

फ़्रांसेस डब्ल्यू प्रीचेट

चलते हो तो चमन को चलिए कहते हैं कि बहाराँ है

मेहदी हसन

जिस सर को ग़ुरूर आज है याँ ताज-वरी का

ज़मर्रुद बानो

देख तो दिल कि जाँ से उठता है

मेहदी हसन

पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है

लता मंगेशकर

पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है

भारती विश्वनाथन

फ़क़ीराना आए सदा कर चले

सुरैया

बातें हमारी याद रहें फिर बातें ऐसी न सुनिएगा

ज़िया मोहीउद्दीन

मुँह तका ही करे है जिस तिस का

मेहदी हसन

मीरियात - दीवान नंo- 4, ग़ज़ल नंo- 1523

बेगम अख़्तर

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

पंकज उदास

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

सी एच आत्मा

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

सलीम रज़ा

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

छाया गांगुली

हस्ती अपनी हबाब की सी है

फ़रीदा ख़ानम

यारो मुझे मुआ'फ़ रखो मैं नशे में हूँ

ग़ुलाम अली

ऑडियो 47

इश्क़ में नय ख़ौफ़-ओ-ख़तर चाहिए

उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

कुछ मौज-ए-हवा पेचाँ ऐ 'मीर' नज़र आई

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

संबंधित शायर

  • ख़ान आरज़ू सिराजुद्दीन अली ख़ान आरज़ू सिराजुद्दीन अली गुरु
  • दाऊद औरंगाबादी दाऊद औरंगाबादी समकालीन
  • इनामुल्लाह ख़ाँ यक़ीन इनामुल्लाह ख़ाँ यक़ीन समकालीन
  • ताबाँ अब्दुल हई ताबाँ अब्दुल हई समकालीन
  • मोहम्मद अमान निसार मोहम्मद अमान निसार समकालीन
  • मोहम्मद रफ़ी सौदा मोहम्मद रफ़ी सौदा समकालीन
  • जाफ़र अली हसरत जाफ़र अली हसरत समकालीन
  • ख़्वाजा मीर दर्द ख़्वाजा मीर दर्द समकालीन
  • मन्नू लाल सफ़ा लखनवी मन्नू लाल सफ़ा लखनवी शिष्य
  • मीर कल्लू अर्श मीर कल्लू अर्श बेटा

"दिल्ली" के और शायर

  • मीर असर मीर असर
  • ख़्वाजा मीर दर्द ख़्वाजा मीर दर्द
  • क़ाएम चाँदपुरी क़ाएम चाँदपुरी
  • मीर हसन मीर हसन
  • ताबाँ अब्दुल हई ताबाँ अब्दुल हई
  • मोहम्मद रफ़ी सौदा मोहम्मद रफ़ी सौदा
  • सिराज औरंगाबादी सिराज औरंगाबादी
  • नज़ीर अकबराबादी नज़ीर अकबराबादी
  • मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी
  • इंशा अल्लाह ख़ान इंशा अल्लाह ख़ान