मोहम्मदुद्दीन फ़ौक़ का परिचय
पहचान: प्रख्यात कश्मीरी इतिहासकार, पत्रकार, जीवनी लेखक, शायर और कश्मीर में अधिकारों की मज़बूत आवाज़
मोहम्मद दीन फ़ौक़ 25 फ़रवरी 1877 को सियालकोट के पास स्थित कोटली हरनारायण गाँव के एक मुस्लिम डार राजपूत परिवार में पैदा हुए। उनका जन्म का नाम मोहम्मद दीन डार था, लेकिन बाद में वे मोहम्मद दीन फ़ौक़ के नाम से मशहूर हुए। उनके परदादा हसन डार महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल में कश्मीर से हिजरत करके पंजाब आए थे।
फ़ौक़ ने अपनी शुरुआती शिक्षा घड़तल, जामके, गुजरानवाला और लाहौर से हासिल की, लेकिन वे मिडल से आगे पढ़ाई नहीं कर सके। 1894 में कुछ समय तक उन्होंने पटवार का काम सीखा और जम्मू व फ़ैसलाबाद में वक़्त गुज़ारा।
उनके पत्रकारीय जीवन की शुरुआत 31 जनवरी 1896 को लाहौर के मशहूर 'पैसा अख़बार' से हुई। वहाँ चार साल तक पत्रकारिता का अनुभव हासिल करने के बाद, 1901 में उन्होंने अपना साप्ताहिक अख़बार "पंजाह-ए-फौलाद" शुरू किया, जो 1906 तक प्रकाशित होता रहा। उन्होंने ख़्वाजा कमालुद्दीन के साथ मिलकर कश्मीरी समुदाय के सुधार के लिए मासिक पत्रिका "मख़ज़न" और 1906 में ऐतिहासिक "कश्मीरी मैगज़ीन" (जो बाद में साप्ताहिक हो गई) जारी की, जिसने 1934 तक कश्मीरियों के शैक्षणिक, राजनीतिक और सामाजिक सुधार का काम किया। उन्होंने सूफ़ीवाद की सेवा और सज्जादानशीनों (धार्मिक गुरुओं) के सुधार के लिए पत्रिका "तरीक़त" और मासिक "निज़ाम" भी शुरू किए।
वह कश्मीरी पत्रकारिता के शुरुआती संस्थापकों में गिने जाते हैं और कश्मीर के सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक अधिकारों के लिए लगातार आवाज़ उठाते रहे। 'बेगार' (बंधुआ मजदूरी) के ख़ात्मे, शिक्षा के प्रसार और कश्मीरी जनता में चेतना जगाने में उनका योगदान अतुलनीय है।
मोहम्मद दीन फ़ौक़ को एक इतिहासकार के रूप में असाधारण प्रसिद्धि मिली। उन्होंने कश्मीर के इतिहास, संस्कृति, समाज और हस्तियों पर बहुत महत्वपूर्ण शोध कार्य किया। उनकी मुख्य ऐतिहासिक कृतियों में "तारीख़-ए-कश्मीर", "तारीख़ अक़्वाम-ए-कश्मीर" (कश्मीर के समुदायों का इतिहास), "मशाहिर-ए-कश्मीर" (कश्मीर की प्रसिद्ध हस्तियाँ), "ख़वातीन-ए-कश्मीर", "कश्मीर की रानियाँ", "शबाब-ए-कश्मीर", "तारीख़-ए-बुडशाही", "तारीख़ अक़्वाम-ए-पुंछ", "राहनुमा-ए-कश्मीर" और "मआसिर-ए-लाहौर" शामिल हैं।
इतिहास के अलावा उन्होंने संस्मरण, जीवनी और पत्रकारिता के इतिहास पर भी महत्वपूर्ण काम किया। "अख़बार नवीसों के हालात", "तज़किरा-ए-उलमा व मशाइख़", "याद-ए-रफ़्तगाँ" और "तज़किरातुल सालेहीन" उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं। काव्य के क्षेत्र में उनका कविता संग्रह "नग़्मा-ओ-गुलज़ार" के नाम से प्रकाशित हुआ।
निधन: मोहम्मद दीन फ़ौक़ का इंतकाल 14 सितंबर 1945 को लाहौर में हुआ।
सहायक लिंक : | https://en.wikipedia.org/wiki/Muhammad_Din_Fauq