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मुईन अहसन जज़्बी

1912 - 2005 | अलीगढ़, भारत

प्रमुखतम प्रगतिशील शायरों में विख्यात/ फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ के समकालीन/अपनी गज़ल ‘मरने की दुआएँ क्यों माँगूँ.......’ के लिए प्रसिद्ध, जिसे कई गायकों ने स्वर दिए हैं

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शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
दिल सर्द हो तो वा लब-ए-गुफ़्तार क्या करें

मुईन अहसन जज़्बी

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