Mushaf Iqbal Tausifi's Photo'

मुसहफ़ इक़बाल तौसिफ़ी

1940 | हैदराबाद, भारत

नई ग़ज़ल के प्रतिष्ठित शायर

नई ग़ज़ल के प्रतिष्ठित शायर

मुसहफ़ इक़बाल तौसिफ़ी

ग़ज़ल 26

नज़्म 22

शेर 3

देखा नहीं उस को कितने दिन से

उँगली पे किया हिसाब हम ने

किसी का नाम लूँ और ग़ज़ल के पर्दे में

बयान उस की मैं सारी सिफ़ात भी कर लूँ

मैं अगर चुप हूँ ये बहता हुआ दरिया क्या है

लब-कुशा हूँ तो मिरी बात से पहले क्या था

 

पुस्तकें 5

 

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Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI