Nasir Kazmi's Photo'

नासिर काज़मी

1923 - 1972 | लाहौर, पाकिस्तान

आधुनिक उर्दू ग़ज़ल के संस्थापकों में से एक। भारत के शहर अंबाला में पैदा हुए और पाकिस्तान चले गए जहाँ बटवारे के दुख दर्द उनकी शायरी का केंद्रीय विषय बन गए।

आधुनिक उर्दू ग़ज़ल के संस्थापकों में से एक। भारत के शहर अंबाला में पैदा हुए और पाकिस्तान चले गए जहाँ बटवारे के दुख दर्द उनकी शायरी का केंद्रीय विषय बन गए।

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
गली गली मिरी याद बिछी है प्यारे रस्ता देख के चल

नासिर काज़मी

तू असीर-ए-बज़्म है हम-सुख़न तुझे ज़ौक़-ए-नाला-ए-नय नहीं

नासिर काज़मी

वो साहिलों पे गाने वाले क्या हुए

नासिर काज़मी

वीडियो का सेक्शन
अन्य वीडियो
Gham hai ya khushi hai tu

नुसरत फ़तह अली ख़ान

Ishq jab zamzama pairaa hoga

इक़बाल बानो

Nazm "Pahli Barish" by Nasir Kazmi

ज़िया मोहीउद्दीन

Wo Is Ada Se Jo Aae to kyuun bhala

इक़बाल बानो

Wo to na mil sake hamen

मेहदी हसन

गए दिनों का सुराग़ ले कर किधर से आया किधर गया वो

हबीब वली मोहम्मद

अनूप जलोटा

अपनी धुन में रहता हूँ

ग़ुलाम अली

आज तुझे क्यूँ चुप सी लगी है

अमानत अली ख़ान

आज तो बे-सबब उदास है जी

अज्ञात

इश्क़ जब ज़मज़मा-पैरा होगा

इक़बाल बानो

कुछ तो एहसास-ए-ज़ियाँ था पहले

इक़बाल बानो

किसी कली ने भी देखा न आँख भर के मुझे

ज़ेहरा निगाह

किसी कली ने भी देखा न आँख भर के मुझे

आबिदा परवीन

कौन उस राह से गुज़रता है

पीनाज़ मसानी

कौन उस राह से गुज़रता है

फ़रीदा ख़ानम

गए दिनों का सुराग़ ले कर किधर से आया किधर गया वो

हबीब वली मोहम्मद

गए दिनों का सुराग़ ले कर किधर से आया किधर गया वो

ज़ेहरा निगाह

गए दिनों का सुराग़ ले कर किधर से आया किधर गया वो

ग़ुलाम अली

गिरफ़्ता-दिल हैं बहुत आज तेरे दीवाने

फ़रीदा ख़ानम

जल्वा-सामाँ है रंग-ओ-बू हम से

फ़रीदा ख़ानम

जल्वा-सामाँ है रंग-ओ-बू हम से

फ़रीदा ख़ानम

तू जब मेरे घर आया था

अज्ञात

तिरे आने का धोका सा रहा है

आबिदा परवीन

तिरे ख़याल से लो दे उठी है तन्हाई

इक़बाल बानो

तिरे ख़याल से लो दे उठी है तन्हाई

एजाज़ हुसैन हज़रावी

तिरे मिलने को बेकल हो गए हैं

बिल्क़ीस ख़ानम

दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया

ज़ेहरा निगाह

दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया

विविध

दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया

नूर जहाँ

दिल धड़कने का सबब याद आया

नूर जहाँ

दिल धड़कने का सबब याद आया

फ़िरदौसी बेगम

दिल में इक लहर सी उठी है अभी

तसव्वुर ख़ानम

दिल में इक लहर सी उठी है अभी

आबिद अली बेग

दिल में और तो क्या रक्खा है

ग़ुलाम अली

नए कपड़े बदल कर जाऊँ कहाँ और बाल बनाऊँ किस के लिए

खलील हैदर

निय्यत-ए-शौक़ भर न जाए कहीं

नूर जहाँ

निय्यत-ए-शौक़ भर न जाए कहीं

अज्ञात

निय्यत-ए-शौक़ भर न जाए कहीं

ग़ुलाम अली

फिर सावन रुत की पवन चली तुम याद आए

नय्यरा नूर

मैं ने जब लिखना सीखा था

सलामत अली

ये भी क्या शाम-ए-मुलाक़ात आई

पीनाज़ मसानी

ये शब ये ख़याल-ओ-ख़्वाब तेरे

ज़ेहरा निगाह

याद आता है रोज़ ओ शब कोई

सयान चौधरी

वो इस अदा से जो आए तो क्यूँ भला न लगे

इक़बाल बानो

वो दिल-नवाज़ है लेकिन नज़र-शनास नहीं

मेहदी हसन

वो साहिलों पे गाने वाले क्या हुए

ज़िया मोहीउद्दीन

शहर सुनसान है किधर जाएँ

आबिदा परवीन

दिल धड़कने का सबब याद आया

आशा भोसले

दिल धड़कने का सबब याद आया

पंकज उदास

शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

  • गली गली मिरी याद बिछी है प्यारे रस्ता देख के चल

    गली गली मिरी याद बिछी है प्यारे रस्ता देख के चल नासिर काज़मी

  • तू असीर-ए-बज़्म है हम-सुख़न तुझे ज़ौक़-ए-नाला-ए-नय नहीं

    तू असीर-ए-बज़्म है हम-सुख़न तुझे ज़ौक़-ए-नाला-ए-नय नहीं नासिर काज़मी

  • वो साहिलों पे गाने वाले क्या हुए

    वो साहिलों पे गाने वाले क्या हुए नासिर काज़मी

अन्य वीडियो

  • Gham hai ya khushi hai tu

    Gham hai ya khushi hai tu नुसरत फ़तह अली ख़ान

  • Ishq jab zamzama pairaa hoga

    Ishq jab zamzama pairaa hoga इक़बाल बानो

  • Nazm "Pahli Barish" by Nasir Kazmi

    Nazm "Pahli Barish" by Nasir Kazmi ज़िया मोहीउद्दीन

  • Wo Is Ada Se Jo Aae to kyuun bhala

    Wo Is Ada Se Jo Aae to kyuun bhala इक़बाल बानो

  • Wo to na mil sake hamen

    Wo to na mil sake hamen मेहदी हसन

  • गए दिनों का सुराग़ ले कर किधर से आया किधर गया वो

    गए दिनों का सुराग़ ले कर किधर से आया किधर गया वो हबीब वली मोहम्मद

  • अनूप जलोटा

  • अपनी धुन में रहता हूँ

    अपनी धुन में रहता हूँ ग़ुलाम अली

  • आज तुझे क्यूँ चुप सी लगी है

    आज तुझे क्यूँ चुप सी लगी है अमानत अली ख़ान

  • आज तो बे-सबब उदास है जी

    आज तो बे-सबब उदास है जी अज्ञात

  • इश्क़ जब ज़मज़मा-पैरा होगा

    इश्क़ जब ज़मज़मा-पैरा होगा इक़बाल बानो

  • कुछ तो एहसास-ए-ज़ियाँ था पहले

    कुछ तो एहसास-ए-ज़ियाँ था पहले इक़बाल बानो

  • किसी कली ने भी देखा न आँख भर के मुझे

    किसी कली ने भी देखा न आँख भर के मुझे ज़ेहरा निगाह

  • किसी कली ने भी देखा न आँख भर के मुझे

    किसी कली ने भी देखा न आँख भर के मुझे आबिदा परवीन

  • कौन उस राह से गुज़रता है

    कौन उस राह से गुज़रता है पीनाज़ मसानी

  • कौन उस राह से गुज़रता है

    कौन उस राह से गुज़रता है फ़रीदा ख़ानम

  • गए दिनों का सुराग़ ले कर किधर से आया किधर गया वो

    गए दिनों का सुराग़ ले कर किधर से आया किधर गया वो हबीब वली मोहम्मद

  • गए दिनों का सुराग़ ले कर किधर से आया किधर गया वो

    गए दिनों का सुराग़ ले कर किधर से आया किधर गया वो ज़ेहरा निगाह

  • गए दिनों का सुराग़ ले कर किधर से आया किधर गया वो

    गए दिनों का सुराग़ ले कर किधर से आया किधर गया वो ग़ुलाम अली

  • गिरफ़्ता-दिल हैं बहुत आज तेरे दीवाने

    गिरफ़्ता-दिल हैं बहुत आज तेरे दीवाने फ़रीदा ख़ानम

  • जल्वा-सामाँ है रंग-ओ-बू हम से

    जल्वा-सामाँ है रंग-ओ-बू हम से फ़रीदा ख़ानम

  • जल्वा-सामाँ है रंग-ओ-बू हम से

    जल्वा-सामाँ है रंग-ओ-बू हम से फ़रीदा ख़ानम

  • तू जब मेरे घर आया था

    तू जब मेरे घर आया था अज्ञात

  • तिरे आने का धोका सा रहा है

    तिरे आने का धोका सा रहा है आबिदा परवीन

  • तिरे ख़याल से लो दे उठी है तन्हाई

    तिरे ख़याल से लो दे उठी है तन्हाई इक़बाल बानो

  • तिरे ख़याल से लो दे उठी है तन्हाई

    तिरे ख़याल से लो दे उठी है तन्हाई एजाज़ हुसैन हज़रावी

  • तिरे मिलने को बेकल हो गए हैं

    तिरे मिलने को बेकल हो गए हैं बिल्क़ीस ख़ानम

  • दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया

    दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया ज़ेहरा निगाह

  • दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया

    दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया विविध

  • दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया

    दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया नूर जहाँ

  • दिल धड़कने का सबब याद आया

    दिल धड़कने का सबब याद आया नूर जहाँ

  • दिल धड़कने का सबब याद आया

    दिल धड़कने का सबब याद आया फ़िरदौसी बेगम

  • दिल में इक लहर सी उठी है अभी

    दिल में इक लहर सी उठी है अभी तसव्वुर ख़ानम

  • दिल में इक लहर सी उठी है अभी

    दिल में इक लहर सी उठी है अभी आबिद अली बेग

  • दिल में और तो क्या रक्खा है

    दिल में और तो क्या रक्खा है ग़ुलाम अली

  • नए कपड़े बदल कर जाऊँ कहाँ और बाल बनाऊँ किस के लिए

    नए कपड़े बदल कर जाऊँ कहाँ और बाल बनाऊँ किस के लिए खलील हैदर

  • निय्यत-ए-शौक़ भर न जाए कहीं

    निय्यत-ए-शौक़ भर न जाए कहीं नूर जहाँ

  • निय्यत-ए-शौक़ भर न जाए कहीं

    निय्यत-ए-शौक़ भर न जाए कहीं अज्ञात

  • निय्यत-ए-शौक़ भर न जाए कहीं

    निय्यत-ए-शौक़ भर न जाए कहीं ग़ुलाम अली

  • फिर सावन रुत की पवन चली तुम याद आए

    फिर सावन रुत की पवन चली तुम याद आए नय्यरा नूर

  • मैं ने जब लिखना सीखा था

    मैं ने जब लिखना सीखा था सलामत अली

  • ये भी क्या शाम-ए-मुलाक़ात आई

    ये भी क्या शाम-ए-मुलाक़ात आई पीनाज़ मसानी

  • ये शब ये ख़याल-ओ-ख़्वाब तेरे

    ये शब ये ख़याल-ओ-ख़्वाब तेरे ज़ेहरा निगाह

  • याद आता है रोज़ ओ शब कोई

    याद आता है रोज़ ओ शब कोई सयान चौधरी

  • वो इस अदा से जो आए तो क्यूँ भला न लगे

    वो इस अदा से जो आए तो क्यूँ भला न लगे इक़बाल बानो

  • वो दिल-नवाज़ है लेकिन नज़र-शनास नहीं

    वो दिल-नवाज़ है लेकिन नज़र-शनास नहीं मेहदी हसन

  • वो साहिलों पे गाने वाले क्या हुए

    वो साहिलों पे गाने वाले क्या हुए ज़िया मोहीउद्दीन

  • शहर सुनसान है किधर जाएँ

    शहर सुनसान है किधर जाएँ आबिदा परवीन

  • दिल धड़कने का सबब याद आया

    दिल धड़कने का सबब याद आया आशा भोसले

  • दिल धड़कने का सबब याद आया

    दिल धड़कने का सबब याद आया पंकज उदास