Noshi Gilani's Photo'

नोशी गिलानी

1964 - | ऑस्ट्रेलिया

ग़ज़ल 22

नज़्म 6

शेर 13

ये सर्दियों का उदास मौसम कि धड़कनें बर्फ़ हो गई हैं

जब उन की यख़-बस्तगी परखना तमाज़तें भी शुमार करना

बंद होती किताबों में उड़ती हुई तितलियाँ डाल दीं

किस की रस्मों की जलती हुई आग में लड़कियाँ डाल दीं

जलाए रक्खूँ-गी सुब्ह तक मैं तुम्हारे रस्तों में अपनी आँखें

मगर कहीं ज़ब्त टूट जाए तो बारिशें भी शुमार करना

ई-पुस्तक 2

Saibaan

 

1984

Udas Hone Ke Din Nahin Hain

 

 

 

चित्र शायरी 5

 

वीडियो 7

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वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
Nazm - Ikhtiyaar

नोशी गिलानी

Noshi Gilani at Silakot in 2008

नोशी गिलानी

अजीब ख़्वाहिश है शहर वालों से छुप छुपा कर किताब लिक्खूँ

नोशी गिलानी

वो बात बात में इतना बदलता जाता है

नोशी गिलानी

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