Saba Akbarabadi's Photo'

सबा अकबराबादी

1908 - 1991 | कराची, पाकिस्तान

सबा अकबराबादी की चित्र शायरी

समझेगा आदमी को वहाँ कौन आदमी

अपने जलने में किसी को नहीं करते हैं शरीक

अपने जलने में किसी को नहीं करते हैं शरीक

अपने जलने में किसी को नहीं करते हैं शरीक

इक रोज़ छीन लेगी हमीं से ज़मीं हमें

ये हमीं हैं कि तिरा दर्द छुपा कर दिल में

अपने जलने में किसी को नहीं करते हैं शरीक

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI