Sabir Adeeb's Photo'

साबिर अदीब

1939 | भोपाल, भारत

ग़ज़ल 4

 

शेर 3

मैं अकेला हूँ तू भी तन्हा है

हम भी कितने हैं बे-सहारे देख

इस क़दर ऊँची हुई दीवार-ए-नफ़रत हर तरफ़

आज हर इंसाँ से इंसाँ की पज़ीराई गई

तिलिस्म टूट गया शब का मैं भी घर को चलूँ

रुका था जिस के लिए वो भी घर गया कब का

 

पुस्तकें 4

Aabnaye

 

2005

Hadab

 

1992

Toote Rishton Ka Karb

 

2001

Yadon Ke Jazeere

 

2004

 

"भोपाल" के और शायर

  • बशीर बद्र बशीर बद्र
  • कैफ़ भोपाली कैफ़ भोपाली
  • अख़्तर सईद ख़ान अख़्तर सईद ख़ान
  • मुनीर भोपाली मुनीर भोपाली
  • परवीन कैफ़ परवीन कैफ़
  • ज़िया फ़ारूक़ी ज़िया फ़ारूक़ी
  • अहमद कमाल परवाज़ी अहमद कमाल परवाज़ी
  • बख़्तियार ज़िया बख़्तियार ज़िया
  • रश्मि सबा रश्मि सबा
  • अंजुम बाराबंकवी अंजुम बाराबंकवी