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सदा अम्बालवी

1951 | अमबाला, भारत

राजेंद्र सिंह/लोकप्रिय शायर/अपनी गज़ल 'वो तो ख़ुश्बू है हर इक सम्त बिखरना है उसे' के लिए मशहूर जिसे गाया गया है

राजेंद्र सिंह/लोकप्रिय शायर/अपनी गज़ल 'वो तो ख़ुश्बू है हर इक सम्त बिखरना है उसे' के लिए मशहूर जिसे गाया गया है

उपनाम : ''सदा''

मूल नाम : सदा अम्बालवी

जन्म : 20 Oct 1951

Sada Ambalvi has written four books on poetry in Urdu and Hindi. He has also written some Punjabi Poetry. Sada Ambalvi is a pseudonym adopted by Rajinder Pal Singh, Chairman of National Highway Authority of India (NHAI) for writing poetry.

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