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साहिर लुधियानवी

1921 - 1980 | मुंबई, भारत

अग्रणी प्रगतिशील शायरों में शामिल। मशहूर फ़िल्म गीतकार

अग्रणी प्रगतिशील शायरों में शामिल। मशहूर फ़िल्म गीतकार

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वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
कभी कभी

कभी कभी मिरे दिल में ख़याल आता है साहिर लुधियानवी

बहुत घुटन है कोई सूरत-ए-बयाँ निकले

साहिर लुधियानवी

वीडियो का सेक्शन
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अपना दिल पेश करूँ अपनी वफ़ा पेश करूँ

अपना दिल पेश करूँ अपनी वफ़ा पेश करूँ भारती विश्वनाथन

अब आएँ या न आएँ इधर पूछते चलो

अब आएँ या न आएँ इधर पूछते चलो अज्ञात

अब कोई गुलशन न उजड़े अब वतन आज़ाद है

अब कोई गुलशन न उजड़े अब वतन आज़ाद है मोहम्मद रफ़ी

आज की रात मुरादों की बरात आई है

आज की रात मुरादों की बरात आई है मोहम्मद रफ़ी

इतनी हसीन इतनी जवाँ रात क्या करें

इतनी हसीन इतनी जवाँ रात क्या करें मोहम्मद रफ़ी

ऐ शरीफ़ इंसानो

ऐ शरीफ़ इंसानो ज़ुल्फ़िक़ार अली बुख़ारी

ऐ शरीफ़ इंसानो

ऐ शरीफ़ इंसानो तौसीफ़ अख़्तर

कभी कभी

कभी कभी समीर खेरा

कभी कभी

कभी कभी मुकेश

कभी ख़ुद पे कभी हालात पे रोना आया

कभी ख़ुद पे कभी हालात पे रोना आया मोहम्मद रफ़ी

ख़ुद-कुशी से पहले

ख़ुद-कुशी से पहले Urdu Studio

ख़ूबसूरत मोड़

ख़ूबसूरत मोड़ महेन्द्र कपूर

ग़ैरों पे करम अपनों पे सितम

ग़ैरों पे करम अपनों पे सितम लता मंगेशकर

चेहरे पे ख़ुशी छा जाती है आँखों में सुरूर आ जाता है

चेहरे पे ख़ुशी छा जाती है आँखों में सुरूर आ जाता है आशा भोसले

जब कभी उन की तवज्जोह में कमी पाई गई

जब कभी उन की तवज्जोह में कमी पाई गई मोहम्मद रफ़ी

जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें लोग सज़ा देते हैं

जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें लोग सज़ा देते हैं राधिका चोपड़ा

ज़िंदगी-भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात

ज़िंदगी-भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात मोहम्मद रफ़ी

जीवन के सफ़र में राही

जीवन के सफ़र में राही किशोर कुमार

जो बात तुझ में है तिरी तस्वीर में नहीं

जो बात तुझ में है तिरी तस्वीर में नहीं मोहम्मद रफ़ी

तू हिन्दू बनेगा न मुसलमान बनेगा

तू हिन्दू बनेगा न मुसलमान बनेगा मोहम्मद रफ़ी

तंग आ चुके हैं कशमकश-ए-ज़िंदगी से हम

तंग आ चुके हैं कशमकश-ए-ज़िंदगी से हम मोहम्मद रफ़ी

तुम अपना रंज-ओ-ग़म अपनी परेशानी मुझे दे दो

तुम अपना रंज-ओ-ग़म अपनी परेशानी मुझे दे दो राधिका चोपड़ा

तिरी दुनिया में जीने से तो बेहतर है कि मर जाएँ

तिरी दुनिया में जीने से तो बेहतर है कि मर जाएँ लता मंगेशकर

देखा है ज़िंदगी को कुछ इतना क़रीब से

देखा है ज़िंदगी को कुछ इतना क़रीब से किशोर कुमार

दूर रह कर न करो बात क़रीब आ जाओ

दूर रह कर न करो बात क़रीब आ जाओ मोहम्मद रफ़ी

न तो ज़मीं के लिए है न आसमाँ के लिए

न तो ज़मीं के लिए है न आसमाँ के लिए मोहम्मद रफ़ी

नज़र से दिल में समाने वाले मिरी मोहब्बत तिरे लिए है

नज़र से दिल में समाने वाले मिरी मोहब्बत तिरे लिए है आशा भोसले

पर्बतों के पेड़ों पर शाम का बसेरा है

पर्बतों के पेड़ों पर शाम का बसेरा है मोहम्मद रफ़ी

पोंछ कर अश्क अपनी आँखों से मुस्कुराओ तो कोई बात बने

पोंछ कर अश्क अपनी आँखों से मुस्कुराओ तो कोई बात बने मोहम्मद रफ़ी

बुझा दिए हैं ख़ुद अपने हाथों मोहब्बतों के दिए जला के

बुझा दिए हैं ख़ुद अपने हाथों मोहब्बतों के दिए जला के अज्ञात

बरबाद-ए-मोहब्बत की दुआ साथ लिए जा

बरबाद-ए-मोहब्बत की दुआ साथ लिए जा मोहम्मद रफ़ी

भूले से मोहब्बत कर बैठा, नादाँ था बेचारा, दिल ही तो है

भूले से मोहब्बत कर बैठा, नादाँ था बेचारा, दिल ही तो है मुकेश

मैं जागूँ सारी रैन सजन तुम सो जाओ

मैं जागूँ सारी रैन सजन तुम सो जाओ लता मंगेशकर

मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया

मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया मोहम्मद रफ़ी

मतलब निकल गया है तो पहचानते नहीं

मतलब निकल गया है तो पहचानते नहीं मोहम्मद रफ़ी

मता-ए-ग़ैर

मता-ए-ग़ैर Urdu Studio

मेरी तक़दीर में जलना है तो जल जाऊँगा

मेरी तक़दीर में जलना है तो जल जाऊँगा अनूप जलोटा

मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी कभी

मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी कभी लता मंगेशकर

ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा

ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा मोहम्मद रफ़ी

ये दुनिया दो-रंगी है

ये दुनिया दो-रंगी है मोहम्मद रफ़ी

ये महलों ये तख़्तों ये ताजों की दुनिया

ये महलों ये तख़्तों ये ताजों की दुनिया मोहम्मद रफ़ी

ये वादियाँ ये फ़ज़ाएँ बुला रही हैं तुम्हें

ये वादियाँ ये फ़ज़ाएँ बुला रही हैं तुम्हें मोहम्मद रफ़ी

शर्मा के यूँ न देख अदा के मक़ाम से

शर्मा के यूँ न देख अदा के मक़ाम से मोहम्मद रफ़ी

सज़ा का हाल सुनाएँ जज़ा की बात करें

सज़ा का हाल सुनाएँ जज़ा की बात करें भारती विश्वनाथन

सब में शामिल हो मगर सब से जुदा लगती हो

सब में शामिल हो मगर सब से जुदा लगती हो मोहम्मद रफ़ी

संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है

संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है अज्ञात

संसार से भागे फिरते हो भगवान को तुम क्या पाओगे

संसार से भागे फिरते हो भगवान को तुम क्या पाओगे लता मंगेशकर

हवस-नसीब नज़र को कहीं क़रार नहीं

हवस-नसीब नज़र को कहीं क़रार नहीं भारती विश्वनाथन

शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

  • कभी कभी

    कभी कभी साहिर लुधियानवी

  • बहुत घुटन है कोई सूरत-ए-बयाँ निकले

    बहुत घुटन है कोई सूरत-ए-बयाँ निकले साहिर लुधियानवी

अन्य वीडियो

  • अपना दिल पेश करूँ अपनी वफ़ा पेश करूँ

    अपना दिल पेश करूँ अपनी वफ़ा पेश करूँ भारती विश्वनाथन

  • अब आएँ या न आएँ इधर पूछते चलो

    अब आएँ या न आएँ इधर पूछते चलो अज्ञात

  • अब कोई गुलशन न उजड़े अब वतन आज़ाद है

    अब कोई गुलशन न उजड़े अब वतन आज़ाद है मोहम्मद रफ़ी

  • आज की रात मुरादों की बरात आई है

    आज की रात मुरादों की बरात आई है मोहम्मद रफ़ी

  • इतनी हसीन इतनी जवाँ रात क्या करें

    इतनी हसीन इतनी जवाँ रात क्या करें मोहम्मद रफ़ी

  • ऐ शरीफ़ इंसानो

    ऐ शरीफ़ इंसानो ज़ुल्फ़िक़ार अली बुख़ारी

  • ऐ शरीफ़ इंसानो

    ऐ शरीफ़ इंसानो तौसीफ़ अख़्तर

  • कभी कभी

    कभी कभी समीर खेरा

  • कभी कभी

    कभी कभी मुकेश

  • कभी ख़ुद पे कभी हालात पे रोना आया

    कभी ख़ुद पे कभी हालात पे रोना आया मोहम्मद रफ़ी

  • ख़ुद-कुशी से पहले

    ख़ुद-कुशी से पहले Urdu Studio

  • ख़ूबसूरत मोड़

    ख़ूबसूरत मोड़ महेन्द्र कपूर

  • ग़ैरों पे करम अपनों पे सितम

    ग़ैरों पे करम अपनों पे सितम लता मंगेशकर

  • चेहरे पे ख़ुशी छा जाती है आँखों में सुरूर आ जाता है

    चेहरे पे ख़ुशी छा जाती है आँखों में सुरूर आ जाता है आशा भोसले

  • जब कभी उन की तवज्जोह में कमी पाई गई

    जब कभी उन की तवज्जोह में कमी पाई गई मोहम्मद रफ़ी

  • जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें लोग सज़ा देते हैं

    जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें लोग सज़ा देते हैं राधिका चोपड़ा

  • ज़िंदगी-भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात

    ज़िंदगी-भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात मोहम्मद रफ़ी

  • जीवन के सफ़र में राही

    जीवन के सफ़र में राही किशोर कुमार

  • जो बात तुझ में है तिरी तस्वीर में नहीं

    जो बात तुझ में है तिरी तस्वीर में नहीं मोहम्मद रफ़ी

  • तू हिन्दू बनेगा न मुसलमान बनेगा

    तू हिन्दू बनेगा न मुसलमान बनेगा मोहम्मद रफ़ी

  • तंग आ चुके हैं कशमकश-ए-ज़िंदगी से हम

    तंग आ चुके हैं कशमकश-ए-ज़िंदगी से हम मोहम्मद रफ़ी

  • तुम अपना रंज-ओ-ग़म अपनी परेशानी मुझे दे दो

    तुम अपना रंज-ओ-ग़म अपनी परेशानी मुझे दे दो राधिका चोपड़ा

  • तिरी दुनिया में जीने से तो बेहतर है कि मर जाएँ

    तिरी दुनिया में जीने से तो बेहतर है कि मर जाएँ लता मंगेशकर

  • देखा है ज़िंदगी को कुछ इतना क़रीब से

    देखा है ज़िंदगी को कुछ इतना क़रीब से किशोर कुमार

  • दूर रह कर न करो बात क़रीब आ जाओ

    दूर रह कर न करो बात क़रीब आ जाओ मोहम्मद रफ़ी

  • न तो ज़मीं के लिए है न आसमाँ के लिए

    न तो ज़मीं के लिए है न आसमाँ के लिए मोहम्मद रफ़ी

  • नज़र से दिल में समाने वाले मिरी मोहब्बत तिरे लिए है

    नज़र से दिल में समाने वाले मिरी मोहब्बत तिरे लिए है आशा भोसले

  • पर्बतों के पेड़ों पर शाम का बसेरा है

    पर्बतों के पेड़ों पर शाम का बसेरा है मोहम्मद रफ़ी

  • पोंछ कर अश्क अपनी आँखों से मुस्कुराओ तो कोई बात बने

    पोंछ कर अश्क अपनी आँखों से मुस्कुराओ तो कोई बात बने मोहम्मद रफ़ी

  • बुझा दिए हैं ख़ुद अपने हाथों मोहब्बतों के दिए जला के

    बुझा दिए हैं ख़ुद अपने हाथों मोहब्बतों के दिए जला के अज्ञात

  • बरबाद-ए-मोहब्बत की दुआ साथ लिए जा

    बरबाद-ए-मोहब्बत की दुआ साथ लिए जा मोहम्मद रफ़ी

  • भूले से मोहब्बत कर बैठा, नादाँ था बेचारा, दिल ही तो है

    भूले से मोहब्बत कर बैठा, नादाँ था बेचारा, दिल ही तो है मुकेश

  • मैं जागूँ सारी रैन सजन तुम सो जाओ

    मैं जागूँ सारी रैन सजन तुम सो जाओ लता मंगेशकर

  • मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया

    मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया मोहम्मद रफ़ी

  • मतलब निकल गया है तो पहचानते नहीं

    मतलब निकल गया है तो पहचानते नहीं मोहम्मद रफ़ी

  • मता-ए-ग़ैर

    मता-ए-ग़ैर Urdu Studio

  • मेरी तक़दीर में जलना है तो जल जाऊँगा

    मेरी तक़दीर में जलना है तो जल जाऊँगा अनूप जलोटा

  • मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी कभी

    मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी कभी लता मंगेशकर

  • ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा

    ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा मोहम्मद रफ़ी

  • ये दुनिया दो-रंगी है

    ये दुनिया दो-रंगी है मोहम्मद रफ़ी

  • ये महलों ये तख़्तों ये ताजों की दुनिया

    ये महलों ये तख़्तों ये ताजों की दुनिया मोहम्मद रफ़ी

  • ये वादियाँ ये फ़ज़ाएँ बुला रही हैं तुम्हें

    ये वादियाँ ये फ़ज़ाएँ बुला रही हैं तुम्हें मोहम्मद रफ़ी

  • शर्मा के यूँ न देख अदा के मक़ाम से

    शर्मा के यूँ न देख अदा के मक़ाम से मोहम्मद रफ़ी

  • सज़ा का हाल सुनाएँ जज़ा की बात करें

    सज़ा का हाल सुनाएँ जज़ा की बात करें भारती विश्वनाथन

  • सब में शामिल हो मगर सब से जुदा लगती हो

    सब में शामिल हो मगर सब से जुदा लगती हो मोहम्मद रफ़ी

  • संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है

    संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है अज्ञात

  • संसार से भागे फिरते हो भगवान को तुम क्या पाओगे

    संसार से भागे फिरते हो भगवान को तुम क्या पाओगे लता मंगेशकर

  • हवस-नसीब नज़र को कहीं क़रार नहीं

    हवस-नसीब नज़र को कहीं क़रार नहीं भारती विश्वनाथन