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प्रमुख और नई दिशा देने वाले आधुनिक शायर

प्रमुख और नई दिशा देने वाले आधुनिक शायर

ग़ज़ल

अभी नज़र में ठहर ध्यान से उतर के न जा

नोमान शौक़

अभी नज़र में ठहर ध्यान से उतर के न जा

नोमान शौक़

आग हो दिल में तो आँखों में धनक पैदा हो

नोमान शौक़

इक रात हम ऐसे मिलें जब ध्यान में साए न हों

नोमान शौक़

एक दिन ज़ेहन में आसेब फिरेगा ऐसा

नोमान शौक़

एक दिन ज़ेहन में आसेब फिरेगा ऐसा

नोमान शौक़

ख़्वाब को दिन की शिकस्तों का मुदावा न समझ

नोमान शौक़

ख़ाक नींद आए अगर दीदा-ए-बेदार मिले

नोमान शौक़

ख़ाक नींद आए अगर दीदा-ए-बेदार मिले

नोमान शौक़

ख़ामुशी छेड़ रही है कोई नौहा अपना

नोमान शौक़

ज़मानों के ख़राबों में उतर कर देख लेता हूँ

नोमान शौक़

ज़िंदा रहने के तज़्किरे हैं बहुत

नोमान शौक़

जो तेरे दिल में है वो बात मेरे ध्यान में है

नोमान शौक़

जो तेरे दिल में है वो बात मेरे ध्यान में है

नोमान शौक़

दर्द के इताब ले दोस्त उसे शुमार कर

नोमान शौक़

दर्द के इताब ले दोस्त उसे शुमार कर

नोमान शौक़

दामन में आँसुओं का ज़ख़ीरा न कर अभी

नोमान शौक़

दामन में आँसुओं का ज़ख़ीरा न कर अभी

नोमान शौक़

बदन चुराते हुए रूह में समाया कर

नोमान शौक़

बाहर के असरार लहू के अंदर खुलते हैं

नोमान शौक़

मैं एक रात मोहब्बत के साएबान में था

नोमान शौक़

मैं किसी जवाज़ के हिसार में न था

नोमान शौक़

मैं खिल नहीं सका कि मुझे नम नहीं मिला

नोमान शौक़

मैं तेरे ज़ुल्म दिखाता हूँ अपना मातम करने के लिए

नोमान शौक़

मैं वही दश्त हमेशा का तरसने वाला

नोमान शौक़

मैं वो हूँ जिस पे अब्र का साया पड़ा नहीं

नोमान शौक़

मुझ को मिरी शिकस्त की दोहरी सज़ा मिली

नोमान शौक़

मिट्टी थी ख़फ़ा मौज उठा ले गई हम को

नोमान शौक़

मिरा अकेला ख़ुदा याद आ रहा है मुझे

नोमान शौक़

ये कौन आया शबिस्ताँ के ख़्वाब पहने हुए

नोमान शौक़

यूँ मिरे पास से हो कर न गुज़र जाना था

नोमान शौक़

यहीं कहीं पे कभी शोला-कार मैं भी था

नोमान शौक़

रेत की सूरत जाँ प्यासी थी आँख हमारी नम न हुई

नोमान शौक़

रात अपने ख़्वाब की क़ीमत का अंदाज़ा हुआ

नोमान शौक़

रात नादीदा बलाओं के असर में हम थे

नोमान शौक़

लोग थे जिन की आँखों में अंदेशा कोई न था

नोमान शौक़

वक़्त अभी पैदा न हुआ था तुम भी राज़ में थे

नोमान शौक़

वहशत दीवारों में चुनवा रक्खी है

नोमान शौक़

वही आँखों में और आँखों से पोशीदा भी रहता है

नोमान शौक़

वो आग हूँ कि नहीं चैन एक आन मुझे

नोमान शौक़

वो दुख जो सोए हुए हैं उन्हें जगा दूँगा

नोमान शौक़

वो लोग जो ज़िंदा हैं वो मर जाएँगे इक दिन

नोमान शौक़

वो सख़ी है तो किसी रोज़ बुला कर ले जाए

नोमान शौक़

शहर का शहर हुआ जान का प्यासा कैसा

नोमान शौक़

सफ़र की धूप में चेहरे सुनहरे कर लिए हम ने

नोमान शौक़

सब कुछ न कहीं सोग मनाने में चला जाए

नोमान शौक़

सोच में डूबा हुआ हूँ अक्स अपना देख कर

नोमान शौक़

हमला-आवर कोई अक़ब से है

नोमान शौक़

नज़्म

एक कुत्ता नज़्म

नोमान शौक़

एक सुअर से

नोमान शौक़

ख़रगोश की सरगुज़िश्त

नोमान शौक़

ख़ाली बोरे में ज़ख़्मी बिल्ला

नोमान शौक़

ज़िंदा पानी सच्चा

नोमान शौक़

डस्टबिन

नोमान शौक़

तर्ग़ीब

नोमान शौक़

दुनिया

नोमान शौक़

पाम के पेड़ से गुफ़्तुगू

नोमान शौक़

पोस्टर

नोमान शौक़

मैं और मैं!

नोमान शौक़

मरता लम्हा

नोमान शौक़

मुर्दा-ख़ाना

नोमान शौक़

मस्ताना हीजड़ा

नोमान शौक़

मौत की ख़ुशबू

नोमान शौक़

सुर्ख़ गुलाब और बदर-ए-मुनीर

नोमान शौक़

साए का सफ़र

नोमान शौक़

हमल-सरा

नोमान शौक़

बाकिरा

आतिफ़ बलोच

मस्ताना हीजड़ा

आतिफ़ बलोच

मुहासरा

आतिफ़ बलोच

हम-ज़ाद

आतिफ़ बलोच

हमल-सरा

आतिफ़ बलोच

हाजी भाई पानी वाला

आतिफ़ बलोच

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI