Yasmeen Hameed's Photo'

यासमीन हमीद

1951 | पाकिस्तान

ग़ज़ल

इतने आसूदा किनारे नहीं अच्छे लगते

अज़रा नक़वी

उफ़ुक़ तक मेरा सहरा खिल रहा है

अज़रा नक़वी

पर्दा आँखों से हटाने में बहुत देर लगी

अज़रा नक़वी

नज़्म

कश्फ़

अज़रा नक़वी

वो लम्हा कैसा होता है

अज़रा नक़वी

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI