आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ",cux"
अत्यधिक संबंधित परिणाम ",cux"
नज़्म
शिकवा
बादा-कश ग़ैर हैं गुलशन में लब-ए-जू बैठे
सुनते हैं जाम-ब-कफ़ नग़्मा-ए-कू-कू बैठे
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
भिक्षु-दानी, प्यासा पानी, दरिया सागर, जल गागर
गुलशन ख़ुशबू, कोयल कूकू, मस्ती दारू, मैं और तू
जावेद अख़्तर
नज़्म
बरसात की बहारें
कोयल की कूक में भी तेरा ही नाम हैगा
और मोर की ज़टल में तेरा पयाम हैगा
नज़ीर अकबराबादी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
पुस्तकें के संबंधित परिणाम ",cux"
अन्य परिणाम ",cux"
नज़्म
यादें
दूर कहीं वो कोयल कूकी रात के सन्नाटे में दूर
कच्ची ज़मीं पर बिखरा होगा महका महका आम का बोर
अख़्तरुल ईमान
नज़्म
तुम याद मुझे आ जाते हो
जब कोयल कूकू करती है जब पंछी पी पी करता है
तुम याद मुझे आ जाते हो
बहज़ाद लखनवी
ग़ज़ल
ऐ फ़ाख़्ता उस सर्व-ए-सही क़द का हूँ शैदा
कू-कू की सदा मुझ को सुनाना नहीं अच्छा
भारतेंदु हरिश्चंद्र
ग़ज़ल
ये बूँदें पहली बारिश की, ये सोंधी ख़ुशबू माटी की
इक कोयल बाग़ में कूकी है, आवाज़ यहाँ तक आई है

