आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ".chp"
अत्यधिक संबंधित परिणाम ".chp"
पृष्ठ के संबंधित परिणाम ".chp"
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम ".chp"
नज़्म
मुझ से पहले
जिस पे पहले भी कई अहद-ए-वफ़ा टूटे हैं
इसी दो-राहे पे चुप-चाप खड़ा रह जाऊँ
अहमद फ़राज़
नज़्म
कभी कभी
घनेरी ज़ुल्फ़ों के साए में छुप के जी लेता
मगर ये हो न सका और अब ये आलम है
साहिर लुधियानवी
ग़ज़ल
आँखों में नमी सी है चुप चुप से वो बैठे हैं
नाज़ुक सी निगाहों में नाज़ुक सा फ़साना है
जिगर मुरादाबादी
ग़ज़ल
इब्न-ए-इंशा
ग़ज़ल
चेहरे पे ख़ुशी छा जाती है आँखों में सुरूर आ जाता है
जब तुम मुझे अपना कहते हो अपने पे ग़ुरूर आ जाता है

