आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ".nro"
अत्यधिक संबंधित परिणाम ".nro"
नज़्म
ख़िज़्र-ए-राह
फितरत-ए-अस्कंदरी अब तक है गर्म-ए-नाओ-नोश
बेचता है हाशमी नामूस दीन-ए-मुस्तफ़ा
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
जुगनू
कि जैसे खुलती झपकती हों बे-शुमार आँखें
अजब ये आँख-मिचोली थी नूर-ओ-ज़ुल्मत की
फ़िराक़ गोरखपुरी
पृष्ठ के संबंधित परिणाम ".nro"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम ".nro"
ग़ज़ल
मूसा की है क़सम तुझे और कोह-ए-तूर की
नूर-ओ-फ़रोग़-ए-जल्वा-ए-लमआ'न की क़सम
इंशा अल्लाह ख़ान इंशा
हास्य
अपनी महबूबा को इक दरख़्वास्त इंग्लिश में लिखो
उस से ये पूछो जवाब-ए-आरज़ू यस है कि नो
दिलावर फ़िगार
तंज़-ओ-मज़ाह
मोहम्मद यूनुस बट
लेख
थीसिस भी देखी जा सकती है। इसके अज्ज़ा Annual of Urdu Studies No.91 में शाया’ हुए हैं।...
शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी
तंज़-ओ-मज़ाह
मुश्ताक़ अहमद यूसुफ़ी
तंज़-ओ-मज़ाह
मुश्ताक़ अहमद यूसुफ़ी
ग़ज़ल
रौशन-ज़मीर हैं ये तिरे ख़ाकसार-ए-इश्क़
रखते हैं फ़ैज़-ए-इश्क़ से नूर-ओ-सफ़ा-ए-क़ल्ब


