आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ".puie"
अत्यधिक संबंधित परिणाम ".puie"
नज़्म
दो इश्क़
पूरे किए सब हर्फ़-ए-तमन्ना के तक़ाज़े
हर दर्द को उजयाला हर इक ग़म को सँवारा
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
पृष्ठ के संबंधित परिणाम ".puie"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम ".puie"
नज़्म
ख़िज़्र-ए-राह
क्यूँ त'अज्जुब है मिरी सहरा-नवर्दी पर तुझे
ये तगा-पू-ए-दमादम ज़िंदगी की है दलील
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
पंद्रह अगस्त
चले थे दिल में लिए जो इरादे पूरे हुए
ये कौन है कि जो यादों में चरख़ा कातता है
जावेद अख़्तर
नज़्म
रोटियाँ
अल्लाह की भी याद दिलाती हैं रोटियाँ
अब आगे जिस के माल-पूए भर के थाल हैं
नज़ीर अकबराबादी
ग़ज़ल
तीन मोहल्लों में उन जैसी क़द काठी का कोई न था
अच्छे-ख़ासे ऊँचे पूरे क़द-आवर थे बाबू जी
आलोक श्रीवास्तव
अप्रचलित शेर
ज़रा कर ज़ोर सीने पर कि तीर-ए-पुर-सितम निकले
जो वो निकले तो दिल निकले जो दिल निकले तो दम निकले

