आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ".tav"
अत्यधिक संबंधित परिणाम ".tav"
ग़ज़ल
मुझे बताओ कि मेरी नाराज़गी से तुम को है फ़र्क़ कोई
मैं खा रही हूँ न-जाने कब से ही पेच-ताव मुझे मनाओ
आमिर अमीर
नज़्म
रिश्वत
इस से बद-तर लत नहीं है कोई ये लत छोड़िए
रोज़ अख़बारों में छपता है कि रिश्वत छोड़िए
जोश मलीहाबादी
नज़्म
नशात-ए-उमीद
तेरे ही दम से कटे जो दिन थे सख़्त
तेरे ही सदक़े से मिला ताज-ओ-तख़्त
अल्ताफ़ हुसैन हाली
पृष्ठ के संबंधित परिणाम ".tav"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम ".tav"
ग़ज़ल
कभी तुम साफ़ करते हो मिरे दिल की कुदूरत कूँ
कभी तुम बे-सबब तेवरी चढ़ा कर ताव करते हो
सिराज औरंगाबादी
ग़ज़ल
बड़ी सर्द रात थी कल मगर बड़ी आँच थी बड़ा ताव था
सभी तापते रहे रात भर तिरा ज़िक्र क्या था अलाव था
शमीम अब्बास
नज़्म
मुलम्मा' की अँगूठी
मत भूल कभी असल तू अपनी अरी अहमक़
जब ताव दिया जाएगा हो जाएगा मुँह फ़क़
इस्माइल मेरठी
नज़्म
शॉफ़र
नौकर और नमक और मज़हब... इन तावीलों से बाज़ आओ
मर्दों की ऐसी नेकी पर आ जाता है मुझ को ताव
शाद आरफ़ी
ग़ज़ल
सर्द हवा या टूटा ताव पूरी रात अधूरा चाँद
मेरे आँगन की मिट्टी को जाने कौन भिगो जाता है
अज़हर नक़वी
नज़्म
मैं ख़ुद से मायूस नहीं हूँ
उन के लहू का तिलक लगा कर
मूंछ पे ताव दे सकता हूँ












