आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "Gamze"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "Gamze"
ग़ज़ल
चाक पर्दे से ये ग़म्ज़े हैं तो ऐ पर्दा-नशीं
एक मैं क्या कि सभी चाक-ए-गरेबाँ होंगे
मोमिन ख़ाँ मोमिन
नज़्म
सरमाया-दारी
क़यामत इस के ग़म्ज़े जान-लेवा हैं सितम इस के
हमेशा सीन-ए-मुफ़्लिस पे पड़ते हैं क़दम इस के
असरार-उल-हक़ मजाज़
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "Gamze"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "Gamze"
ग़ज़ल
तिरा क्या काम अब दिल में ग़म-ए-जानाना आता है
निकल ऐ सब्र इस घर से कि साहिब-ख़ाना आता है
अमीर मीनाई
ग़ज़ल
इश्वे से ग़म्ज़े से शोख़ी से अदा से नाज़ से
मिटने वाला हूँ मिटा दीजे किसी तदबीर से
बेदम शाह वारसी
नज़्म
अदल-ए-जहाँगीरी
अब न वो नूर-जहाँ है न वो अंदाज़-ए-ग़ुरूर
न वो ग़म्ज़े हैं न वो अर्बदा-ए-सब्र-शिकन
शिबली नोमानी
नज़्म
तवाइफ़
तेरे हर ग़म्ज़े की तह में है बनावट का शिकवा
जिस के आगे सर-ब-सज्दा मासियत के दश्त-ओ-कोह
माहिर-उल क़ादरी
नज़्म
तवाइफ़
मैं हूँ इक झूट का बाज़ार ये माना मैं ने
मेरे ग़म्ज़े भी हैं तलवार ये माना मैं ने


