आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "bande"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "bande"
शेर
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले
ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
क़ैद-ए-हयात ओ बंद-ए-ग़म अस्ल में दोनों एक हैं
मौत से पहले आदमी ग़म से नजात पाए क्यूँ
मिर्ज़ा ग़ालिब
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "bande"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "bande"
नज़्म
तुलू-ए-इस्लाम
किताब-ए-मिल्लत-ए-बैज़ा की फिर शीराज़ा-बंदी है
ये शाख़-ए-हाशमी करने को है फिर बर्ग-ओ-बर पैदा
अल्लामा इक़बाल
शेर
क़ैद-ए-हयात ओ बंद-ए-ग़म अस्ल में दोनों एक हैं
मौत से पहले आदमी ग़म से नजात पाए क्यूँ
मिर्ज़ा ग़ालिब
नज़्म
हिन्दुस्तानी बच्चों का क़ौमी गीत
मेरा वतन वही है मेरा वतन वही है
बंदे कलीम जिस के पर्बत जहाँ के सीना
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
इबलीस की मजलिस-ए-शूरा
ये हमारी सई-ए-पैहम की करामत है कि आज
सूफ़ी-ओ-मुल्ला मुलूकिय्यत के बंदे हैं तमाम
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
यूँ तकब्बुर न करो हम भी हैं बंदे उस के
सज्दे बुत करते हैं हामी जो ख़ुदा होता है






