noImage

जावेद लख़नवी

लखनऊ, भारत

ग़ज़ल 17

शेर 13

उन को तो सहल है वो ग़ैर के घर जाएँगे

हम जो उस दर से उठेंगे तो किधर जाएँगे

  • शेयर कीजिए

शब-ए-वस्ल क्या जाने क्या याद आया

वो कुछ आप ही आप शर्मा रहे हैं

  • शेयर कीजिए

कहीं ऐसा हो मर जाऊँ मैं हसरत ही हसरत में

जो लेना हो तो ले लो सब से पहले इम्तिहाँ मेरा

  • शेयर कीजिए

"लखनऊ" के और शायर

  • बशीर बद्र बशीर बद्र
  • इमदाद अली बहर इमदाद अली बहर
  • ज़ाकिर ख़ान ज़ाकिर ज़ाकिर ख़ान ज़ाकिर
  • सिराज फ़ैसल ख़ान सिराज फ़ैसल ख़ान
  • हकीम आग़ा जान ऐश हकीम आग़ा जान ऐश
  • राहत हसन राहत हसन
  • सय्यदा फ़रहत सय्यदा फ़रहत
  • परवेज़ रहमानी परवेज़ रहमानी
  • शोला करारवी शोला करारवी
  • आर पी शोख़ आर पी शोख़