आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "hameshaa.ii"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "hameshaa.ii"
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "hameshaa.ii"
नज़्म
निसार मैं तेरी गलियों के
यूँही हमेशा उलझती रही है ज़ुल्म से ख़ल्क़
न उन की रस्म नई है न अपनी रीत नई
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
दरख़्त-ए-ज़र्द
हमेशा से बपा इक जंग है हम उस में क़ाएम हैं
हमारी जंग ख़ैर ओ शर के बिस्तर की है ज़ाईदा
जौन एलिया
नज़्म
चंद रोज़ और मिरी जान
आज सहना है हमेशा तो नहीं सहना है
ये तिरे हुस्न से लिपटी हुई आलाम की गर्द
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ग़ज़ल
झूट है सब तारीख़ हमेशा अपने को दोहराती है
अच्छा मेरा ख़्वाब-ए-जवानी थोड़ा सा दोहराए तो
अंदलीब शादानी
नज़्म
मता-ए-ग़ैर
ज़िंदगी यूँ तो हमेशा से परेशान सी थी
अब तो हर साँस गिराँ-बार हुई जाती है

