आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "hinaa"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "hinaa"
शेर
सुर्ख़-रू होता है इंसाँ ठोकरें खाने के बा'द
रंग लाती है हिना पत्थर पे पिस जाने के बा'द
सय्यद ग़ुलाम मोहम्मद मस्त कलकत्तवी
नज़्म
ये मेरी ग़ज़लें ये मेरी नज़्में
मगर हर इक बार तुझ को छू कर
ये रेत रंग-ए-हिना बनी है
अहमद फ़राज़
नज़्म
तुलू-ए-इस्लाम
हिना-बंद-ए-उरूस-ए-लाला है ख़ून-ए-जिगर तेरा
तिरी निस्बत बराहीमी है मेमार-ए-जहाँ तू है
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
दो इश्क़
इस बाम से निकलेगा तिरे हुस्न का ख़ुर्शीद
इस कुंज से फूटेगी किरन रंग-ए-हिना की
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
hinaa
हिना حِنا
मेहंदी,महन्दी का सुर्ख़ रंग (लगने के बाद)एक पत्ती जिसके लेप से हाँथ-पैर रँगे जाते हैं मेंहदी, मेंदिका, रक्तगर्भा, रक्तरंगा नखरंजका,शादी मौक़ा पर मेहंदी रस्म,महन्दी का पौदा, पत्तियां, फूल
अन्य परिणाम "hinaa"
नज़्म
करोगे याद तो हर बात याद आएगी
हथेलियों की हिना याद कुछ दिलाएगी
करोगे याद तो हर बात याद आएगी
बशर नवाज़
ग़ज़ल
बहादुर शाह ज़फ़र
नज़्म
मौज़ू-ए-सुख़न
रंग-ए-रुख़्सार पे हल्का सा वो ग़ाज़े का ग़ुबार
संदली हाथ पे धुंदली सी हिना की तहरीर
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
तस्वीर-ए-दर्द
सफ़ा-ए-दिल को क्या आराइश-ए-रंग-ए-तअल्लुक़ से
कफ़-ए-आईना पर बाँधी है ओ नादाँ हिना तू ने
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
ऐ मेरे सारे लोगो
संदलीं पाँव से मस्ताना-रवी रूठ गई
मरमरीं हाथों पे जल-बुझ गया अँगार-ए-हिना
अहमद फ़राज़
ग़ज़ल
मिरी मश्शातगी की क्या ज़रूरत हुस्न-ए-मअ'नी को
कि फ़ितरत ख़ुद-ब-ख़ुद करती है लाले की हिना-बंदी
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
तुझ से मुक़ाबले की किसे ताब है वले
मेरा लहू भी ख़ूब है तेरी हिना के ब'अद













