आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "jel"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "jel"
नज़्म
ज़िंदाँ की एक सुब्ह
लज़्ज़त-ए-ख़्वाब से मख़मूर हवाएँ जागीं
जेल की ज़हर-भरी चूर सदाएँ जागीं
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
यहाँ से शहर को देखो
यहाँ से शहर को देखो तो हल्क़ा-दर-हल्क़ा
खिंची है जेल की सूरत हर एक सम्त फ़सील
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "jel"
नज़्म
पोम्पिये
हुक्मराँ भी हैं, महल भी हैं, फ़सलें भी हैं
जेल-ख़ाने भी हैं और गैस के चेम्बर भी हैं
गुलज़ार
नज़्म
एक नज़्म
और किसी चार आईने के रिसते घाव में मिला नहीं है
जिस को इस का राज़ मिले वो हस्ब-ज़ेल पते पर पहुँचा दे:
अनीस नागी
नज़्म
ईश्वर प्रार्थना
जेल-ख़ानों में हुए जाते हैं अब बेहाल से
सख़्तियों से जब्र से और भूक की हड़ताल से
टीका राम सुख़न
ग़ज़ल
उस के ही बाज़ुओं में और उस को ही सोचते रहे
जिस्म की ख़्वाहिशों पे थे रूह के और जाल भी
परवीन शाकिर
नज़्म
रक़ीब से!
ज़ेर-दस्तों के मसाइब को समझना सीखा
सर्द आहों के रुख़-ए-ज़र्द के मअ'नी सीखे
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
शिकवा
थी तो मौजूद अज़ल से ही तिरी ज़ात-ए-क़दीम
फूल था ज़ेब-ए-चमन पर न परेशाँ थी शमीम








