आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "khatak"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "khatak"
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "khatak"
शेर
कभी छोड़ी हुई मंज़िल भी याद आती है राही को
खटक सी है जो सीने में ग़म-ए-मंज़िल न बन जाए
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
अपनी मल्का-ए-सुख़न से
लहजे में ये खटक है कि है नेश्तर की धार
और गिर रहा है धार से शबनम का आबशार
जोश मलीहाबादी
नज़्म
क्या इश्क़ एक ज़िंदगी-ए-मुस्तआ'र का
काँटा वो दे कि जिस की खटक ला-ज़वाल हो
या-रब वो दर्द जिस की कसक ला-ज़वाल हो
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
नज़ीर अकबराबादी
ग़ज़ल
लज़्ज़त यही खटक की जो है राह-ए-इश्क़ में
रख लूँगा दिल में पाँव के काँटे निकाल के











