आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "matar"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "matar"
ग़ज़ल
फ़रहान सालिम
हास्य
क्या क्या नहीं था अपनी तवाज़ो' में उन के घर
छोले मटर वो आलू-बुख़ारा कि हाए हाए
मसरूर शाहजहाँपुरी
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "matar"
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "matar"
ग़ज़ल
तक़दीर ही कुछ अपनी मटर-गश्त किए है
'तमजीद' ये मुमकिन है महालात बता दूँ


