आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "nachaa"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "nachaa"
नज़्म
जुगनू
ये शाख़-सार के झूलों में पेंग पड़ते हुए
ये लाखों पत्तियों का नाचना ये रक़्स-ए-नबात
फ़िराक़ गोरखपुरी
नज़्म
तू घर से निकल आए तो
पर्बत पे बरसती हुई बरखा को नचा दे
तू घर से निकल आए तो धरती को जगा दे
जोश मलीहाबादी
ग़ज़ल
शेख़ी इतनी न कर ऐ शैख़ कि रिंदान-ए-जहाँ
उँगलियों पर तुझे चाहें तो नचा सकते हैं
इंशा अल्लाह ख़ान इंशा
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "nachaa"
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "nachaa"
नज़्म
तश्बीब
तुझ को चाँद नहीं कह सकता
क्यूँकि ये चाँद तो इस धरती के चार तरफ़ नाचा करता है
