आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "narGe"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "narGe"
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "narGe"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "narGe"
ग़ज़ल
हमेशा ख़ौफ़ के नर्ग़े में रहता हूँ मगर फिर भी
अबाबीलों की मिंक़ारों में लश्कर देख लेता हूँ
साक़ी फ़ारुक़ी
नज़्म
मुसलमान और हिन्दोस्तान
आलाम की हद अपने शिकंजे में लिए है
इक दौर-ए-मसाइब है कि नर्ग़े में लिए है
हिन्दी गोरखपुरी
नज़्म
तेरी आवाज़
तेरी आवाज़ जो आई तो कहाँ से आई
फिर किसी वहम के नर्ग़े में तो मैं आ न गया
राशिद अनवर राशिद
ग़ज़ल
जब कुछ मासूमों की जाँ थी हैवानों के नर्ग़े में
तब हर सूरत हो सकती थी हर ख़तरा इम्कानी था
शहपर रसूल
नज़्म
मुलाक़ातें नहीं फिर भी मुलाक़ातें
कभी मौसम-ए-फ़रामोशी के नर्ग़े में
उदासी की फ़सीलों पर
ऐन ताबिश
ग़ज़ल
जब से मुझ को हासिल है तेरे क़ुर्ब की दौलत
नक़्श-ए-संग-ए-पाइंदा मुझ पे आइना सा है




